ग्रामीणों में दहशत, गश्त बढ़ाने, पिंजरा लगाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पोखरी (चमोली)। क्षेत्र के दो गांवों में भालू ने तीन गोशाला तोड़कर एक गाय और एक बैल को मार डाला। एक ही रात में हुई इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने वन विभाग से भालू से निजात दिलाने के लिए गश्त बढ़ाने और पिंजरा लगाने की मांग की।
मंगलवार रात तोणजी गांव में भालू ने मुकेश नेगी की गोशाला तोड़कर बैल को मार डाला। वहीं धर्म सिंह नेगी की गोशाला को भी भालू ने तोड़ दिया लेकिन ग्रामीणों के शोर मचाने पर वह भाग गया। ग्रामीणों के अनुसार गांव के पास लोस्तू, पाथरी और सिलवाड़ी तोक में भी भालू लगातार दिखाई दे रहा है। उधर बंगथल गांव में भालू ने गोविंद लाल की गोशाला तोड़कर उनकी दुधारू गाय को मार डाला। तोणजी की प्रधान राजेश्वरी देवी, पूर्व प्रधान मुकेश नेगी और मनोज नेगी ने कहा कि भालू की सक्रियता से लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। वहीं वन विभाग के दरोगा आनंद सिंह रावत ने बताया कि दोनों गांवों में पहुंचकर गोशालाओं का निरीक्षण किया है। मुआवजे के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
इंसेट
घर के आसपास बचा खाना न फेंकने की अपील
ज्योतिर्मठ। नगर क्षेत्र में भालू की दहशत को देखते हुए नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन की ओर से लोगों को सचेत किया जा रहा है। लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से अपने घरों के आसपास बचा हुआ खाना न फेंकने की अपील की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि खाने की तलाश में भालू आबादी वाले क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं। ऐसे में खुले में खाद्य सामग्री फेंकने से भालू की सक्रियता बढ़ सकती है। वन विभाग की ओर से लोगों को सुबह और शाम के समय विशेष सतर्कता बरतने, सुनसान रास्तों पर अकेले न जाने और बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेजने की सलाह दी जा रही है। साथ ही घरों के आसपास साफ-सफाई रखने और कूड़े का उचित निस्तारण करने को कहा जा रहा है। संवाद