देवाल। कूड़े में फेंके गए जैविक रसायनाें (दवाइयों) के बारे में कृषि विभाग साफ इनकार कर रहा है। हालांकि तहसील के कृषि अधिकारी द्वारा रविवार को दवाइयां अपनी बताई गई थी। लेकिन सोमवार को मुख्यालय स्थित केंद्र प्रभारी ने इससे साफ इनकार कर दिया। इधर उद्यान विभाग भी मामले से पल्ला झाड़ रहा है। हालांकि फेंकी गई दवाओं पर सरकारी आपूर्ति सहित कुछ पर उद्यान विभाग की मोहर भी अंकित है।
रविवार को ब्लाक मुख्यालय में कूड़े में भारी मात्रा में किसानों को दी जाने वाली दवाइयां बरामद हुई थी। जिसमें एनजीके और मिक्सर माइक्रो न्यूट्रेन की कई बोतलें शामिल थी। विशेषज्ञों के अुनसार दोनों दवाइयां किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा दी जाती हैं। तहसील के भूमि संरक्षण एवं कृषि अधिकारी एनबी वर्सिल ने इस बारे में जांच कर कार्रवाई करने की बात कही थी। लेकिन सोमवार को केंद्र प्रभारी द्वारा इनकार करने के बाद अब दवाइयां किस विभाग की हैं, यह सवाल बन गया है।
इनका कहना है-
कूड़े में फेंकी गई एनपीके एवं मिक्शन की बोतल एक लीटर की हैं। यह हमारे विभाग की नहीं हैं। हमारे विभाग के पास लिक्विड में सप्लाई नहीं होती हैं। पाउडर या दाने के पैकेट होते हैं। बैच नंबर मिलान के बाद सही स्थिति सामने आएगी।
-वीरेंद्र सिंह बिष्ट कृषि भंडार प्रभारी देवाल।
मैंने तीन महीने पहले यहां पर कार्यभार ग्रहण किया है। दोनों जैविक रसायन अब स्टोर में नहीं हैं। कूड़े में पड़ी दवाईयों की जानकारी मुझे नहीं है। -एनके डिमरी प्रभारी उद्यान विभाग देवाल।