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पोखरी और चांदनीखाल में सूखे हेंडपंप, पानी के लिए भटक रहे लोग

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गढ़वाल। गर्मी शुरू होते ही पानी का संकट भी बढ़ने लगा है। कई जगहों पर कई दिनों से जहां पेयजल आपूर्ति नहीं हुई है तो कहीं हैंडपंप भी जवाब दे गए हैं। अभी से पानी का यह हाल है तो मई और जून में समस्या और गहरा जाएगी। लोग गदेरे और नदी से पानी ढोने को विवश हैं।
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पोखरी। क्षेत्र में पीने के पानी की किल्लत बढ़ने लगी है। स्थिति यह है कि गर्मी से पोखरी और चांदनीखाल बाजार का हैंडपंप भी सूख गया है। लोगों को गदेरों से पानी की आपूर्ति करनी पड़ रही है। व्यापार संघ अध्यक्ष महिधर पंत, संदीप बर्त्वाल, हर्षवर्द्धन चौहान, पंकज नेगी, जितेंद्र सती और जगदीश नेगी का कहना है कि अप्रैल में ही पोखरी क्षेत्र में पानी की किल्लत होने लगी है। उन्होंने पोखरी और चांदनीखाल बाजार में लगे हैंडपंप को अन्यत्र स्थापित कर पानी की सुचारु आपूर्ति करने और पानी की वैकल्पिक की मांग उठाई। इधर, जल संस्थान के सहायक अभियंता अरुण गुप्ता का कहना है कि पोखरी क्षेत्र में पानी की सुचारु आपूर्ति करवाई जाएगी।
घनसाली (टिहरी)। जल संस्थान की लापरवाही सेंदुल गांव और बालगंगा डिग्री कॉलेज के छात्र-छात्राओं पर भारी पड़ रही है। पिछले पांच दिन से छतियारा-सेंदुल पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है। ऐसे में सेंदुल गांव के लोग बालगंगा नदी से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। राजेश मैठाणी, दिनेश प्रसाद, रमेश प्रसाद व छात्र नेता भूपेंद्र जोशी, नरेंद्र सिंह, सुषमा व प्रियंका ने बताया कि पांच दिन से पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी है, लेकिन जल संस्थान के अधिकारी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यदि जल्द पानी की आपूर्ति नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। जल संस्थान के ईई अभिषेक वर्मा ने बताया कि छतियारा-सेंदुल पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति बाधित होने की कोई भी शिकायत नहीं मिली है।
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15 दिन से जोखणी में नहीं आया पानी
चिन्यालीसौड़। ब्लॉक के जोखणी गांव में 15 दिन से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। ग्रामीणों की कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। गांव के प्रधान लक्ष्मण राणा, सोबन सिंह राणा, शूरवीर सिंह, जगमोहन सिंह आदि ने बताया कि विभाग ने लंबे समय से पेयजल लाइन की मरम्मत नहीं कराई गई। अब लाइन क्षतिग्रस्त पड़ी है। ग्रामीणों को करीब दो किमी दूर स्थित प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीण विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। वहीं जल संस्थान के जेई महेश रावत ने कहा कि लाइन की मरम्मत के लिए कर्मचारी भेज दिया गया है। जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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