जोशीमठ आपदा को पांच माह का समय हो गया है। अभी भी 65 परिवार पुनर्वास के लिए सरकार पर नजर टिकाए हैं। प्रभावित परिवार भूमि के बदले भूमि की मांग कर रहे हैं। इन परिवारों के 263 सदस्य होटलों में बने राहत शिविरों में रह रहे हैं। सरकार की ओर से अभी तक 76 परिवारों को 19 करोड़ 8 लाख 20 हजार रुपये का मुआवजा दिया है।
जनवरी शुरूआत में ही जोशीमठ में भू-धंसाव शुरू हो गया था। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को हटाकर राहत शिविरों में शिफ्ट कर दिया था। भू-धंसाव से 868 भवनों में दरारें आई, जिनमें से 181 भवन असुरक्षित घोषित किए गए। विशेष पुनर्वास पैकेज के तहत प्रभावित परिवारों को एक लाख रुपये अग्रिम धनराशि दी गई। असुरक्षित भवनों से सामग्री के ढुलान और तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 50-50 हजार रुपये दिए गए। घरेलू सामग्री क्रय करने के लिए अलग से 5000 रुपये भी वितरित किए गए।
सरकार ने असुरक्षित घरों के मुआवजे के लिए सर्वेक्षण के आधार पर मुआवजे की दर निर्धारित की। जिनमें से 76 परिवारों को 19 करोड़ 8 लाख 20 हजार रुपये की धनराशि वितरित कर दी गई है। मुआवजा मिलने के बाद ये परिवार जोशीमठ से बाहर अन्यत्र शिफ्ट हो गए हैं। जबकि 65 परिवार मुआवजा लेने को राजी नहीं हैं। वे मकान के बदले जोशीमठ क्षेत्र में ही मकान और भूमि के बदले भूमि की मांग कर रहे हैं।
क्या कहते हैं आपदा प्रभावित
- हमारे दो मकान असुरक्षित श्रेणी में हैं। सरकार ने वन टाइम सेटलमेंट पर सहमति जताई थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। असुरक्षित घरों को जनवरी में ही छोड़ दिया था। अभी भी किराए के घरों में रह रहे हैं। सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। - सूरज कप्रवाण, मनोहरबाग वार्ड, जोशीमठ।
- हमारा वर्षों से कारोबार जोशीमठ में ही है। पुनर्वास भी जोशीमठ में ही चाहते हैं। सरकार पुनर्वास पर चुप्पी साधे है। जिससे आपदा प्रभावितों में ऊहापोह की स्थिति है। राहत शिविरों में रहकर बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। लोगों में आपदा को लेकर अभी भी दहशत है। आगामी बरसात सीजन शुरू होने वाला है। सरकार को जल्द पुनर्वास पर स्थिति स्पष्ट कर देनी चाहिए। - प्रकाश भौंटियाल, आपदा प्रभावित, जोशीमठ।
क्या बोलीं एसडीएम
अधिकांश आपदा प्रभावितों को मुआवजा वितरित किया जा चुका है। जो प्रभावित होटलों में रह रहे हैं उनके असुरक्षित भवनों का आंकलन भी किया जा चुका है। वे भी मुआवजा ले सकते हैं। बरसात सीजन को लेकर प्रशासन अलर्ट है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें आपदा के बाद से जोशीमठ में ही हैं। -कुमकुम जोशी, एसडीएम जोशीमठ
आगामी मानसून को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। जोशीमठ में आपदा कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। अधिकारियों के साथ बैैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। - हिमांशु खुराना, डीएम