बर्फबारी के कारण काम हुआ प्रभावित
हेमकुंड साहिब 4329 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुरुद्वारा है। इस बार मौसम की बेरुखी के कारण हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा का संचालन करना गुरुद्वारा प्रबंधन और जिला प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। हेमकुंड साहिब में बीते दिनों तक बर्फबारी हुई जिससे बर्फ हटाने का काम प्रभावित हाेता रहा। सोमवार देर शाम को भी हेमकुंड में बर्फबारी हुई, जिससे बर्फ हटाने का काम बंद रहा। मंगलवार को धूप खिलने पर हेमकुंड साहिब परिसर से लेकर रास्ते तक स्नो कटर मशीन से बर्फ हटाई गई।
बुधवार को संगत के साथ गोविंदघाट पहुंचेंगे पंच प्यारे
ऋषिकेश गुरुद्वारे से रवाना होकर आज बुधवार को तीर्थयात्रियों के जत्थे के साथ पंच प्यारे गोविंदघाट गुरुद्वारे में पहुंचेंगे। 18 मई को यहां से पंच प्यारे घांघरिया के लिए प्रस्थान करेंगे और 19 को हेमकुंड साहिब पहुंचेंगे। 20 मई को विधि-विधान से हेमकुंड साहिब के कपाट छह माह के लिए खोल दिए जाएंगे। हेमकुंड साहिब के समीप स्थित लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी उसी दिन श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे।
गोविंदघाट में 5200 तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था
हेमकुंड साहिब के प्रवेश द्वार गोविंदघाट में करीब 5200 तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। यहां गुरुद्वारे में करीब 4000 और होटलों में 1200 तीर्थयात्री रात्रि विश्राम कर सकते हैं। जबकि घांघरिया में 6500 तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। हेमकुंड साहिब में रात्रि प्रवास की व्यवस्था नहीं है। तीर्थयात्री घांघरिया से सुबह अपनी तीर्थयात्रा शुरू कर छह किलोमीटर की पैदल दूरी तय करने के बाद हेमकुंड साहिब पहुंचते हैं और दोपहर में हेमकुंड से रात्रि प्रवास के लिए घांघरिया पहुंच जाते हैं।