गोपेश्वर। विभिन्न मांगों के लिए जिले के अधिवक्ताओं ने न्याय भवन परिसर से कलक्ट्रेट परिसर तक जुलूस-प्रदर्शन कर सांकेतिक धरना दिया। जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के अधिवक्ता कार्य से विरत रहे।
अधिवक्ताओं ने न्याय भवन से कलक्ट्रेट परिसर तक हमारी मांगे पूरी करो.., अधिवक्ता एकता जिंदाबाद.. के नारे नारे लगाकर प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट परिसर में धरनास्थल पर बार संघ के अध्यक्ष नंदन बिष्ट और वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश पुजारी ने न्यायिक सेवा में सुधार के लिए अखिल भारतीय न्यायिक सेवा का गठन करने, नए अधिवक्ताओं को पांच वर्ष तक न्यूनतम दस हजार आर्थिक सहायता देने, अधिवक्ताओं और उनके आश्रितों को बीस लाख तक का बीमा लाभ देने आदि की मांग उठाई। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से एकजुटता का आह्वान किया। इस मौके पर कुलदीप नेगी, भगवान सिंह चौहान, सतीश सेमवाल, ज्ञानेंद्र खंतवाल, दिलवर सिंह, समीप बहुगुणा, मनोज भट्ट, सत्यप्रकाश सती, नीलम सिंह नेगी, रैजा चौधरी, राजेश्वरी रावत, भोपाल सिंह और किशन सिंह फरस्वाण आदि मौजूद थे।
कर्णप्रयाग में भी अधिवक्ता संघ ने प्रदर्शन किया और मांगों का ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा। ज्ञापन भेजने वालों में संघ अध्यक्ष रविंद्र पुजारी, भुवन नौटियाल, जेपी पुरोहित, अशोक डिमरी, वीरेंद्र लडोला, संजय हटवाल, महानंद मैठाणी, दिनेश थपलियाल, सतीश गैरोला, केपी सती, सुरेंद्र सिंह रावत, जेपी सेमवाल और दिनेश नैनवाल आदि मौजूद थे।
उक्रांद ने दिया आंदोलन को समर्थन
गोपेश्वर। उत्तराखंड क्रांति दल ने अधिवक्ताओं की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन कर उनकी मांगों को जायज बताया। दल के मुख्य प्रवक्ता सतीश सेमवाल ने कहा कि आज तक किसी भी सरकार ने अधिवक्ताओं के हितों का ध्यान नहीं रखा है। उन्होंने अधिवक्ताओं की मांगों को तत्काल पूर्ण करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की अधिकतम मांग राज्य सरकार के स्तर की हैं, जो सरकार को स्वीकार कर देनी चाहिए।
बार संघों को भवन और लाइब्रेरी की सुविधा दें
रुद्रप्रयाग/ऊखीमठ। 10 सूत्री मांगों को लेकर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने रुद्रप्रयाग व ऊखीमठ में धरना दिया। अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे।
जिला व तहसील मुख्यालय पर अधिवक्ताओं ने धरना देते हुए मांग पूरा करने की मांग उठाई। उन्होंने कनिष्ठ अधिवक्ताओं के संरक्षण के लिए केंद्रीय अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम बनाने, अधिवक्ता संघों को भवन, बैठक व्यवस्था, पुस्तकालय, ई-लाईब्रेरी सुविधा देने, महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग सुविधायुक्त भवन बनाने, ब्याज मुक्त होम, लाइब्रेरी व वाहन ऋण देने, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम में अधिवक्ताओं को अधिक अधिकार देने सहित लंबित मांगों के निस्तारण की मांग की। धरना देने वालों में अधिवक्ता अरुण प्रकाश वाजपेयी, केपी खन्ना, हरीश किमोठी, गजपाल सिंह रावत, अर्जुग नेगी, प्रदीप जगवाण, आशीष नेगी, गोर्वधन, प्यार सिंह नेगी, कुंवर सिंह रावत, राजीव भंडारी, नागेंद्र राणा, बीरेंद्र गोस्वामी, आनंद बजवाल, जगत राम सेमवाल, मदन सिंह नेगी, राजेंद्र देव आदि मौजूद थे।