जोशीमठ। जिले के दूरस्थ गांवों के ग्रामीणों की मुश्किलें कम होने को नहीं हैं। जोशीमठ ब्लॉक के सात गांवों में विगत 28 दिनों से रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी ग्रामीणों के लिए अब आफत बन गई है। गांवों के पैदल रास्ते अभी भी बर्फ से ढके हुए हैं, जिससे ग्रामीणों के सामने खाद्यान्न का संकट खड़ा होने लगा है। पेयजल की भी ग्रामीण बमुश्किल व्यवस्था कर रहे हैं।
चमोली जिले में विगत 22 जनवरी के बाद से रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जिससे जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में जनजीवन सामान्य होने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में बर्फ से ढके गांवों में ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन गांवों में अब ग्रामीण पेयजल और खाद्यान्न जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति के लिये बर्फ से पटे पैदल रास्तों पर चलने को मजबूर हैं। स्थानीय ग्रामीण गजेंद्र सिंह सनवाल, प्रेम सिह सनवाल, इंद्र सिह सनवाल, रघुवीर सिह का कहना है कि गांवों के पैदल रास्तों पर अब भी तीन से चार फीट तक बर्फ जमी हुई है, ऐसे में यहां खच्चरों की आवाजाही भी ठप हो गई है।
बदरीनाथ हाईवे ढाई घंटे बाधित रहा
जोशीमठ। बदरीनाथ हाईवे मंगलवार को बलदौड़ा में पहाड़ी से मलबा आने से ढाई घंटे तक बाधित रहा। बीआरओ के मजदूरों ने करीब साढे़ 10 बजे मलबा हटाकर हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई।
जोशीमठ क्षेत्र में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर बारिश होने से बदरीनाथ हाईवे मंगलवार सुबह आठ बजे बलदौड़ा में पहाड़ी से मलबा आने से बाधित हो गया था, जिससे यहां वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। हाईवे बाधित होने की सूचना मिलते ही बीआरओ के मजदूर मशीनों के साथ मौके पर पहुंचे और करीब ढाई घंटे तक मशक्कत कर हाईवे को सुचारु किया। प्रतिदिन हो रही बर्फबारी के चलते बदरीनाथ हाईवे हनुमान चट्टी से आगे बर्फ की आगोश में है। इधर, बीआरओ के कमांडर एसएस मक्कर का कहना है कि बदरीनाथ हाईवे पर बलदौड़ा में वाहनों की आवाजाही सुचारु करवा ली गई है, जबकि मौसम की बेरुखी के चलते हनुमानचट्टी से आगे हाईवे बंद है। मौसम खुलते ही हाईवे को बदरीनाथ धाम तक सुचारु कर लिया जाएगा। ब्यरो