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पर्यटन स्थल बेनीताल का नहीं हुआ विकास

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कर्णप्रयाग। प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर चमोली जिले का बेनीताल पर्यटन स्थल सरकार की बेरुखी के कारण बदहाल हैं। यहां रोजाना देश-विदेश से सैकड़ों पर्यटक आकर प्रकृति का दीदार करते हैं लेकिन मूलभूत सुविधाएं न होने से निराश होकर वापस जाते हैं। पर्यटकों को लुभाने के लिए सरकार को यहां मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के साथ-साथ प्रचार प्रसार पर भी ध्यान देना चाहिए।
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समुद्र तल से करीब 2500 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बेनीताल में 200 मीटर लंबी और 50 मीटर चौड़ी प्राकृतिक झील है। वर्तमान समय में यह झील गाद से भर चुकी है। सड़क मार्ग संकरा है और पर्यटकों के रहने के कोई इंतजाम नहीं हैं। झील के किनारे नंदा देवी का ऐतिहासिक मंदिर है, लेकिन मंदिर का सौन्दर्यीकरण नहीं हुआ है। बांज, बुरांश, काफल सहित कई अन्य प्रजाति के पेड़ बेनीताल की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं।
क्षेत्र पंचायत सदस्य जीत सिंह, पूर्व प्रमुख राजेंद्र सगोई, विजय खंडूड़ी, दिगपाल सिंह, हयात सिंह आदि का कहना है कि कई बार प्रशासन से बेनीताल को विकसित करने के लिए कहा गया, लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि बेनीताल में पर्यटकों के लिए सुविधाएं मुहैया कराई जाये तो पहाड़ी क्षेत्र का सबसे बेहतरीन पर्यटन स्थलों में शुमार हो सकता है।
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सबसे पहले बेनीताल ट्रैक मार्ग निर्माण किये जाने की योजना प्रस्तावित है। इसके लिए हमने बदरीनाथ वन प्रभाग से बात कर ली है। जल्दी ही वन विभाग से अनुमति लेकर ट्रैक बनाया जायेगा और फिर बेनीताल का प्रचार-प्रसार करके इसे बेहतरीन पर्यटन स्थल बनाया जोयगा, साथ ही बेनीताल झील का सौंदर्यीकरण भी किया जायेगा।
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बिजेंद्र पांडे, जिला पर्यटन विकास अधिकारी गोपेश्वर चमोली।
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