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कर्णप्रयाग, आदिबदरी, गैरसैंण और थराली में पानी की किल्लत

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फोटो-कर्णप्रयाग/आदिबदरी/गैरसैंण/थराली। चमोली जिले के कर्णप्रयाग, आदिबदरी, गैरसैंण और थराली तहसीलों के क्षेत्रों में जंगलों में लगी आग के बाद कई पेयजल स्रोत सूख गये हैं। हालत यह है कि भलसों गांव के लोग तीन किमी दूर आटागाड़ से पानी ढो रहे हैं। पानी की कमी से मुख्य पेयजल टैंक भरने में कई घंटे लग रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण जल संस्थान के टैंकों और कुओं से पानी भरने को मजबूर हैं।
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अलकनंदा और पिंडर नदी के संगम पर स्थित होने के बावजूद कर्णप्रयाग शहर के सभी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। कालिका प्रसाद, सुरेंद्र सिंह, लखपत सिंह, कांति प्रसाद आदि ने कहा कि अपर बाजार और तहसील कॉलोनी के लिए घटगाड़ गदेरे से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन जगह-जगह पानी की लाइन पर लीकेज और क्षतिग्रस्त टैंकों से पानी लीक हो रहा है, जिससे अपर बाजार और तहसील कॉलोनी के लोगों को पूरा पानी नहीं मिल रहा है। बसक्वाली, सिरोली, सिनखाल, केदारूखाल, खंडूड़ा, रतूड़ा आदि गांवों में भी पानी की किल्लत बनी है। आदिबदरी के भलसों गांव में भी पिछले डेढ़ महीने से पानी के लिए हाहाकार मचा है। यहां 80 परिवारों के इस गांव में डेढ़ माह में केवल दो बार पानी का टैंकर आया है। सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद नेगी, नन्दा सिंह, बलवंत सिंह, खुशाल सिंह, संतोष कुमार, बलवंत सिंह, किशन सिंह, शेर सिंह ने बताया कि ग्रामीण तीन किमी दूर से प्राकृतिक जल स्रोत से पानी ढोकर थक गए हैं। मंगलवार को उन्होंने एसडीएम को शिकायती पत्र दिया । ग्रामीणों ने कहा कि नहाने के लिए और कपड़े धोने के लिए आटागाड़ नदी पर जाना पड़ रहा है। चांदपुरगढ़ी निवासी पंकज सती, रमेश ने बताया कि उनके गांव की पानी की लाइन कई दिनों से बंद होने से 40 परिवारों को पानी नहीं मिल रहा है। जमन सिंह, पुष्कर रावत, सरोज शाह, कुंवर रावत, केएस बिष्ट, मोहन प्रसाद ने बताया कि गैरसैंण में भी पानी के स्रोत सूखने से जल संस्थान पेयजल टैंकरों से लोगों को पानी उपलब्ध करा रहा है। थराली के गांवों देवलकोट, मोल्ठा, मालबज्वाड़, गुड़म, कस्बीनगर आदि गांवों में लोग कुओं और प्राकृतिक स्रोतों से पानी भर रहे हैं।
इनका कहना है-----
गर्मी बढ़ने और जंगलों में आग लगने से स्रातों में पानी कुछ कम हुआ है। फिर भी जिन गांवों अथवा कस्बों से पानी की शिकायत आ रही है, वहां जल संस्थान द्वारा टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है। टैंकर उपभोक्ताओं को पानी पहुंचाने में दिनभर लगे हैं।
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मुकेश कुमार, अधिशाषी अभियंता जल संस्थान कर्णप्रयाग।
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