गैरसैंण। शहीदों के गांवों तक सड़क निर्माण न होने से गुस्साए ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ों के साथ प्रदर्शन किया। इसके बाद पांच बुजुर्ग क्रमिक अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि अगर गांव को जल्द सड़क से नहीं जोड़ा गया तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा।
लखेड़ी, अक्षवाड़ा, बासीसेम, गोलतल्ला और भेड़ियाणा के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को बौखनारा से अपने और शहीदों के गांवों को सड़क से जोड़ने की मांग के लिए विशाल जुलूस निकालकर गैरसैंण तहसील में प्रदर्शन किया था। और सीएम को ज्ञापन भेजकर अनशन की चेतावनी दी थी। शुक्रवार को ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ों के साथ गांव में प्रदर्शन किया और सरकार के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद लखेड़ी गांव के हीरा सिंह, ग्राम प्रधान प्रताप राणा, पूर्व प्रधान हीरा देवी, भेडियाणा गांव के सोबन सिंह और पदमा देवी 36 घंटे के लिए क्रमिक अनशन पर बैठ गए। अनशन पर बैठने वाले लोग बुजुर्ग 75 साल से अधिक उम्र के हैं। बुजुर्गों ने कहा कि अगर मांग पूरी नहीं की गई तो शनिवार रात आठ बजे से भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र के दो जवानों ने कारगिल युद्ध में शहादत दी थी। उसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने शहीदों के गांवों को सड़क से जोड़ने की घोषणा की थी, लेकिन 20 साल बाद भी गांवों को सड़क सुविधा से वंचित रखा गया है। इस मौके पर क्षेत्र पंचायत सदस्य चंद्र सिंह, भवान सिंह, राजेंद्र सिंह, बलवंत लाल, विमला, नंदी, भागा, बसंती, बिंदी, सुरेशी, जानकी, शांति, राजुली देवी, हीरा देवी आदि मौजूद रहे।