हल्द्वानी को दहलाकर रख देने वाले छह साल की लाडली बलात्कार और हत्याकांड में आज शुक्रवार को कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रीतू शर्मा की अदालत ने शुक्रवार को लाडली के बलात्कारी अख्तर अली को फांसी की सजा सुनाई। इसी अपराध में उसके सहयोगी को अदालत ने पांच साल की सजा के साथ जुर्माना भी लगाया है।
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विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह नेगी और शासन से नियुक्त एडीजीसी नवीन चंद्र जोशी ने अभियुक्तों को सजा दिलाने के लिए निर्भया कांड की दलीलें पेश कीं। स्टेट बनाम राम सिंह में अभियुक्त के आपराधिक इतिहास को भी नहीं जाना गया।
इन दलीलों ने दिलाई फांसी
दोनों अधिवक्ताओं ने बताया यह घटना काफी जघन्य थी। घटना को लेकर पूरे कुमाऊं के लोग आक्रोशित थे। बचाव पक्ष ने भी काफी दलीलें पेश कीं। शाम के समय अदालत ने लाडली से बलात्कार के मामले में मुख्य दोषी अख्तर अली को धारा 363 (अपहरण) के तहत सात साल कैद और पांच हजार का जुर्माना, धारा 201 (साक्ष्य छिपाने) के तहत सात साल की सजा और पांच हजार का जुर्माना, आईटी एक्ट(66ग) के तहत तीन वर्ष की सजा और धारा 376 (क) के तहत फांसी की सजा सुनाई।
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इसी प्रकार अख्तर के सहयोगी प्रेमपाल को धारा 212 के तहत पांच साल की सजा और दस हजार रुपये जुर्माना, धारा 66 (ग) के तहत तीन साल की सजा और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने माना कि अभियुक्त अख्तर ने अपहरण के बाद बलात्कार किया और बलात्कार से ही लाडली की मौत हुई।
शादी समारोह में आई थी मासूम, अपहरण कर किया दुष्कर्म
बलात्कार
- फोटो : concept photo
पिथौरागढ़ से ट्रांसपोर्ट कारोबारी का परिवार 20 नवंबर 2014 को शीशमहल रामलीला मैदान स्थित एक शादी समारोह में आया था। ट्रांसपोर्टर की छह साल की बेटी (काल्पनिक नाम लाडली) समारोह में चाट खाने के बाद पानी पीने के लिए गई।
इसी समय अभियुक्त ने उसका अपहरण कर लिया। 25 नवंबर 2014 को लाडली का शव गौलापार झाड़ियों में मिला। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद कुमाऊं में जगह-जगह आंदोलन शुरू हो गए।
एसटीएफ ने दो दिन बाद लुधियाना (पंजाब) के सेठी मार्केट से मुख्य आरोपी अख्तर अली को गिरफ्तार किया। आरोपी अख्तर बिहार के महानागनी बेतिया पूर्वी चंपारण का रहने वाला है। अख्तर की निशानदेही पर पुलिस ने पीलीभीत जिले के हैदरगंज जहानाबाद निवासी प्रेम पाल और कनकोटा रुद्रपुर निवासी जूनियर मसीह को गिरफ्तार किया। अदालत ने सुनवाई के बाद जूनियर मसीह को बरी कर दिया।
अदालत में अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्यों के समर्थन में 40 गवाह पेश किए। कोई गवाह नहीं टूटा। गिरफ्तार अख्तर को प्रेमपाल ने शीशमहल निवासी प्रेम पलड़िया का डंपर चलाने के लिए लगाया था। प्रेमपाल खुद मन्नू गौड़ का डंपर चलाता था।
डॉ. सीपी भैसोड़ा की टीम ने लाडली का पोस्टमार्टम किया था। उसके शरीर पर आठ गंभीर चोटें थीं। लाडली ने बलात्कार का विरोध किया था। अभियुक्त अख्तर की जांघ पर लाडली के नाखून की चोट के निशान मेडिकल रिपोर्ट में पाया गया है।
डॉक्टर ने माना कि बलात्कार के चलते ही लाडली की मौत हुई। बच्ची के प्राइवेट पार्ट क्षत-विक्षत हो गए थे। जांच के लिए सैंपल देहरादून लैब भेजे गए, जहां यह अख्तर के कपड़ों से लिए गए सैंपल से मैच कर गए।