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कोर्ट ने हटाई रोक, 2253 शिक्षकों की होगी नियुक्ति

Tue, 11 Jun 2013 01:24 AM IST
नैनीताल/ब्यूरो
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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित कर बीटीसी प्रशिक्षु शिक्षकों की नियुक्ति पर लगी रोक को हटाकर 2253 शिक्षकों को बड़ी राहत दी है।
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हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद इन शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।

न्यायमूर्ति पीसी पंत एवं न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

काशीपुर निवासी त्रिवेणी चंद्र पांडे ने हाईकोर्ट में स्पेशल अपील दायर कर कहा गया कि 14 दिसंबर 2011 को सरकार की ओर से राज्य में 2253 बीटीसी प्रशिक्षु शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी हुई थी।

स्पेशल अपील में विज्ञप्ति की उस शर्त को चुनौती दी गई थी जिसके तहत उम्मीदवार को अपने स्थायी निवास के आधार पर आवेदन करने को कहा गया था।

पूर्व में इस प्रकरण में खंडपीठ ने 27 नवंबर 2012 को आदेश पारित कर विज्ञापन में जारी गृह जनपद वाली शर्त को संविधान के अनुच्छेद 16 (2) के विपरीत मानते हुए पूरी विज्ञप्ति एवं उसके अनुपालन पर सभी प्रकार की कार्यवाहियों पर रोक लगा दी थी।
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सरकार की ओर से महाधिवक्ता और अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता परेश त्रिपाठी ने कोर्ट में तर्क दिया कि याचिकाकर्ता इस नियुक्ति प्रक्रिया में सम्मिलित हुआ था और उसने यह तथ्य न तो याचिका में बताया और न ही स्पेशल अपील में।

सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया में सम्मिलित होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती नहीं दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि समस्त प्रक्रिया यूपी बेसिक एजूकेशन टीचर्स सर्विस रूल्स 1981 के नियमों के अनुसार प्रारंभ की गई थी।
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नियमों में यह स्पष्ट उल्लेखित है कि अभ्यर्थी को उसी जिले का निवासी होना अनिवार्य है और यही शर्त बीटीसी प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मलित होने के लिए भी अनिवार्य है।

पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पेशल अपील को खारिज करते हुए पूर्व में लगी नियुक्ति प्रक्रिया पर से रोक हटा दी।
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