दोनों ने अग्नि के समक्ष संग-संग जीने की कसमें खाई थी, उन्होंने कुछ सपने बुने थे...वह उन्हें पूरा करने में भी जुटे थे कि तभी दगाबाज जिंदगी ने एक-दूसरे को अलग कर दिया लेकिन साथ ही एक प्यार का महीन सा बंधन बांधकर।
भीम कहीं गुम हो गया और घर में उसकी पत्नी खिमुली ने एक नंन्ही परी को जन्म दिया है। भीम की पत्नी ने उसके इंतजार में ही एक बेटी को जन्म तो दे दिया लेकिन बेटी के पैदा होने की खुशी भीम के बगैर उसे अधूरी सी लग रही है।
केदारनाथ में आई आपदा में हुआ लापताः
उत्तराखंड के चमोली जिले के वाण गांव का रहने वाला भीम सिंह उन लोगों में से एक है जो केदारनाथ में बीते दिनों आई आपदा के बाद से लापता है। भीम सिंह अपनी गर्भवती पत्नी को घर पर छोड़कर केदारनाथ में काम की तलाश में निकला था, लेकिन दुबारा अब तक लौट कर नहीं आया।
पुलिस को नहीं है परवाहः
रेगुलर पुलिस गुप्तकाशी और उप राजस्व निरीक्षक मुंदोली के पास भीम सिंह की गुमशुदगी दर्ज कराई गई है। तक लापता का नाम सूची में दर्ज नहीं किया गया है।
दूसरी तरफ लापता युवक की पत्नी खिमुली देवी ने एक नन्हीं बिटिया को हाल ही में जन्म दिया है। 16 जून को आखिरी दफा भीम सिंह ने अपनी पत्नी को यह बताने के लिए फोन किया था कि उसे एक होटल में काम मिल गया है।
खिमुली रो पड़ती हैः
इसके बाद से खिमुली का भीम सिंह से फिर संपर्क नहीं हुआ। वह आज भी भीम सिंह आखिरी दफा हुई बात को याद कर रो पड़ती है। परिजनों ने खोजबीन करते हुए गुप्तकाशी में रेगुलर पुलिस के पास गुमशुदगी तो दर्ज करावा दी लेकिन परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। पुलिस ने युवक की खोजबीन तो दूर, भीम सिंह का नाम लापता सूची में दर्ज करना तक मुनासिब नहीं समझा।
बीते पांच अगस्त को पुन: युवक के परिजनों ने मुंदोली पटवारी के पास गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन मामले में कार्रवाई फिर भी नहीं हो सकी। युवक अपने घर का अकेला कमाऊ सदस्य था। घर में बूढ़े माता-पिता, पत्नी और नन्हीं बच्ची है। लेकिन आजीविका के अभाव में कैसे गुजर-बसर होगी, यह अब बड़ा सवाल परिवार के सामने खड़ा है।
इनकी भी सुनिएः
तहसील थराली के रजिस्टार कानून-गो जीएस रोतियाल और मुंदोली पटवारी एमएस बिष्ट ने बताया कि विधिवत एफआईआर अब दर्ज हो पाई है। जल्द युवक का नाम लापता सूची में दर्ज कर दिया जाएगा।