बागेश्वर। बघर के तल्ला डाना तोक में महिलाओं ने नशामुक्ति का ऐसा संकल्प लिया है जिसने पूरे गांव के लिए अनुशासन की लकीर खींच दी है। अब गांव में शराब पीना, पीकर आना या किसी भी सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रम में शराब परोसना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। महिला मंगल दल ने इसके लिए स्पष्ट नियम तय करते हुए उल्लंघन पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है।
राज्य स्थापना दिवस 9 नवंबर को गांव में महिला मंगल दल का गठन हुआ और रजत जयंती वर्ष के इस मौके को महिलाओं ने ऐतिहासिक बनाते हुए पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी। ग्राम प्रधान किशन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में रेखा देवी को अध्यक्ष, पुष्पा देवी उपाध्यक्ष, ममता देवी सचिव और रमौती देवी संयोजक चुनी गईं। सभी ने सर्वसम्मति से यह तय किया कि गांव में विवाह, जनेऊ, पूजा, लिंटर सहित किसी भी शुभकार्य में शराब परोसने की अनुमति नहीं होगी।
उपद्रव किया तो कार्रवाई तय
-घर में शराब पीकर महिलाओं या बच्चों का उत्पीड़न करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
-बाहरी लोग शराब पीकर गांव में उपद्रव करेंगे तो उनसे भी जुर्माना वसूला जाएगा।
-भुगतान से इनकार करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
-तोक की हर महिला के लिए इस अभियान का समर्थन करना अनिवार्य है।
कोट
गांव में शराब का प्रचलन काफी बढ़ गया था। नशे में महिलाओं से मारपीट हो रही थी। गांव के अशांत हो रहे माहौल को ठीक करने के लिए महिलाओं ने यह पहल की है। महिलाएं खुद आगे आएंगी, तभी ऐसे कृत्यों पर अंकुश लगेगा।
-कैप्टन भूपाल सिंह दानू, ग्रामीण