गरुड़ (बागेश्वर)। पिंगलों न्याय पंचायत की महिलाओं ने बैजनाथ-ग्वालदम-बदरीनाथ हाइवे से सटे गांव कंधार से देसी शराब की दुकान हटाने की मांग की है। इसके लिए आक्रोशित महिला, पुरुषों ने शनिवार को हाइवे पर चक्काजाम कर शासन, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। दुकान न हटने पर महिलाओं ने आत्मदाह की चेतावनी दी। चार घंटे बाद एसडीएम के आश्वासन पर महिलाएं मानीं।
शराब व्यापारी नेत्र सिंह ने अधिभार जमा कर 15 दिन के लिए कंधार की देसी शराब की दुकान ली थी। क्षेत्र की महिलाओं ने कंधार से दुकान हटाने की मांग को लेकर कुछ दिन पूर्व कंधार में चक्काजाम किया था। आंदोलन उग्र देख तहसीलदार गरुड़ ने दुकान को सीज करा दिया था। शनिवार को कत्यूर घाटी की शराब विरोधी आंदोलन की नेत्री नंदी भंडारी, सिमखेत की प्रधान हेमा फर्स्वाण, पिंगलों के प्रधान दीनानाथ के नेतृत्व में पिंगलों न्याय पंचायत की महिलाओं ने दोपहर दो बजे से चक्काजाम कर दिया।
जाम से बदरीनाथ जाने वाले तीर्थयात्री घंटों फंसे रहे। महिलाओं का कहना है कि शराब की दुकान हटने तक संघर्ष करेंगे। समय पर दुकान नहीं हटी तो महिलाएं आत्मदाह तक करेंगी। डंगोली के थानाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह पंचपाल, बैजनाथ के एसओ मदन लाल ने उन्हें मनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानीं।
बाद में एसडीएम रिंकू बिष्ट आंदोलन स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने दुकान हटाने की संस्तुति का आश्वासन दिया। तभी शाम छह बजे जाम हटाया। श्री सिमखेत की प्रधान हेमा फर्स्वाण, पिंगलों के प्रधान दीना नाथ, रौल्याणा के मदन गिरी, महेश भंडारी, विनोद देवराड़ी, मंजू बिष्ट, मदन गिरी, गोविंदी देवी, नंदी भंडारी आदि ने संबोधित किया।