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महिलाएं 40 हजार, पर महिला डाक्टर कोई नहीं

Thu, 14 May 2015 01:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, कपकोट (बागेश्वर)।
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महिला सशक्तिकरण के तमाम दावों के बावजूद कपकोट ब्लाक के किसी भी अस्पताल में कोई महिला डाक्टर की तैनाती नहीं है। महिला डाक्टर न होने के कारण प्रसव पीड़िताओं को अधिक परेशानी हो रही है। पीड़िताओं को जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। इसमें उनका काफी समय, पैसा बर्बाद हो रहा है।
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वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार कपकोट ब्लाक में महिलाओं की आबादी 40 हजार के आसपास है। इस क्षेत्र में गंगाशील सीएचसी समेत पोथिंग, शामा, फरसाली, स्यांकोट में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और कई राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय, उपकेंद्र हैं, लेकिन इन अस्पतालोें में एक भी महिला डाक्टर नहीं है। जिस कारण ग्रामीण क्षेत्र की तमाम महिलाएं पुरुष डाक्टर को अपनी बीमारियों के लक्षण बताने में हिचकिचाती हैं।

ऐसे में छोटी सी बीमारी कई बार लाइलाज हो जाती है जबकि कई महिला डाक्टर न होने के कारण मजबूरी में पुरुष डाक्टर से ही अपना उपचार कराती हैं। लोगों को उम्मीद थी कि कपकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पीपीपी मोड में जाने से यहां महिला डाक्टर की तैनाती होगी, लेकिन पीपीपी मोड भी महिलाओं की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका।
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वहां एएनएम, महिला स्टाफ नर्स मशक्कत से प्रसव कराती हैं जबकि गंभीर किस्म की पीड़िताओं को हायर सेंटर रेफर किया जाता है। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने शासन, प्रशासन से अस्पतालों में महिला डाक्टरों की शीघ्र तैनाती की मांग की है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।

इनमें मल्ला दानपुर विकास समिति के अध्यक्ष स्वरूप सिंह कर्म्याल, जनचेतना मंच के अध्यक्ष गोविंद गोरिला, सभासद गिरीश चंद्र जोशी गिर्दा, केदार सिंह कोरंगा, तनुज तिरुवा, केदार सिंह, गुमान सिंह, रमेश राम, गोविंद राम आदि शामिल हैं।

 विधायक ललित फर्स्वाण ने बताया कि अस्पतालों में महिला डाक्टरों की तैनाती के लिए मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री से बात की है। डाक्टरों की नई ज्वाइनिंग पर प्राथमिकता से तैनाती की जाएगी। पीपीपी मोड के संचालकों से महिला समेत अन्य डाक्टरों की तैनाती शीघ्र करने को कहा गया है।
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 सीएमओ डा. जेसी मंडल ने बताया कि डाक्टरों की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
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