कपकोट के तिमिलाबगड़ गांव की महिला की सरयू नदी में बहने से मौत हो गई। परिजनों ने महिला की मौत के लिए हाइड्रो पावर कंपनी को जिम्मेदार बताते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हंगामा किया। कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करते हुए शव को उठाने से इनकार कर दिया। बाद में पुलिस के समझाने के बाद परिजन मान गए। पोस्टमार्टम के बाद ग्रामीणों ने शव को कंपनी के आगे रखकर धरना शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार तिमिलाबगड़ निवासी विमला मर्तोलिया (32) पत्नी आनंद सिंह मर्तोलिया गांव के पास सरयू नदी में कपड़े धोने गई थी। वह नदी में कपड़े धो रही थी, तभी करीब 11:30 बजे सरयू नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी के तेज बहाव में महिला भी बह गई।
गांव की तीन महिलाएं नीलम देवी, ममता देवी और मथुरा देवी भी इसी दौरान कपड़े धोने के लिए नदी की ओर जा रही थी। उन्होंने विमला को बहता देखकर शोर मचाया जिस पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गांव से करीब 500 मीटर आगे चीराबगड़ में महिला को ग्रामीणों ने नदी से बाहर निकाला।
तब तक ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस और फायर सर्विस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। सामूहिक प्रयास से महिला को सड़क तक लाकर वाहन से सीएचसी पहुंचाया गया जहां उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों का कई घंटे के हंगामा चलता रहा।
एसओ कैलाश सिंह बिष्ट ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग
सायरन बजाया होता तो बच जाती महिला की जान
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी और निवर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद बिष्ट ने महिला की मौत के लिए सीधे तौर पर कंपनी काे जिम्मेदार बताया। कहा कि कंपनी की लापरवाही से एक व्यक्ति की गृहस्थी उजड़ गई और बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच की जानी चाहिए।
ग्राम समिति ने एसडीएम और एसओ को दिया पत्र
पोस्टमार्टम के बाद कंपनी के बाहर शव रखकर प्रदर्शन
तिमिलाबड़ के ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के बाद महिला के शव को कंपनी के आगे रखकर धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीण परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने, कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करने आदि मांगों पर अड़े हैं। जिला पंचायत सदस्य बड़ेत वंदना ऐठानी ने बताया कि कंपनी की लापरवाही से महिला की मौत हुई है। मांग पूरी होने तक ग्रामीण शव को लेकर धरने पर डटे रहेंगे। संवाद
महिला की मौत हादसा है। कंपनी के डैम के गेट के नीचे लोहे का टुकड़ा फंस गया था, जिसको निकालने के लिए सफाई की जा रही थी। सफाई से पूर्व सायरन बजाया गया था। कंपनी से नदी में जब भी पानी छोड़ा जाता है या बिजली के कारण रुकने पर नदी में पानी छोड़ा जाता है, हर बार सायरन बजता है। नदी में पानी भी धीरे-धीरे छोड़ा जाता है। पिछले 10 साल से कंपनी चल रही है, इस तरह की परेशानी कभी नहीं आई। कंपनी पीड़ित परिवार की मदद के लिए तैयार है।