बागेश्वर के खाईबगड़ (कपकोट) में पुल पर कंकरीट करते मजदूर। संवाद न्यूज एजेंसी
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कपकोट/बागेश्वर। तीन गांवों को जोड़ने वाले पुल से वाहन गुजर सकेंगे। पुल के एक छोर पर बिजली की हाईटेंशन लाइन के कारण आवाजाही नहीं हो रही थी। लोनिवि ने लाइन वाले छोर पर सुरक्षा दीवार बना दी है। पर्वतीय पावर लिमिटेड ने लाइन को ऊपर उठा दिया है।
2016 में कपकोट आईटीआई, पॉलीटेक्निक कॉलेज के साथ ही खाईबगड़, चीराबगड़ और परमटी गांव को जोड़ने के लिए खाईबगड़ में सरयू नदी पर 5.79 करोड़ की लागत से पुल मंजूर किया गया था। 84 मीटर स्पान का पुल सितंबर 2020 में बनकर तैयार हुआ था। तीनों गांवों के लोगों को उम्मीद थी कि जल्द पुल से आवाजाही शुरू होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लोनिवि के अधिकारियों का कहना था कि पुल के एक छोर पर पर्वतीय पावर लिमिटेड की हाईटेंशन लाइन गुजरती है। इस कारण पुल पर आवाजाही शुरू नहीं की जा सकती है। बीते 23 दिसंबर को अमर उजाला ने हाईटेंशन लाइन ने रोकी पुल से आवाजाही शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी जिसके बाद लोनिवि ने सुरक्षा दीवार बनवाई और फरवरी में पर्वतीय पावर लिमिटेड ने लाइन को ऊपर उठवा दिया। लोनिवि ने पिछले हफ्ते पुल के दोनों छोरों पर अवशेष कार्य को पूरा कर दिया है। लोनिवि के ईई संजय कुमार पांडेय का कहना है कि पुल पर वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया है।