प्रदेश में आने वाले देशी-विदेशी सैलानियों की रुचि पर्यटन के किस क्षेत्र में सबसे अधिक है शीघ्र ही इसका पता चलेगा। इसके लिए पर्यटन विभाग होटलों और पर्यटक आवास गृहों से हर एक पर्यटक का पूरा ब्योरा जुटाएगा।
इस कार्य के लिए पर्यटन विभाग ने एक एजेंसी को नियुक्त कर दिया है। सभी तेरह जिलों में तैनात एजेंसी के कर्मचारियों ने पर्यटकों का आंकलन शुरू कर दिया है।
उत्तराखंड राज्य में हर साल बड़ी तादात में पर्यटक आते हैं। इनमें साहसिक, धार्मिक और रिसर्च के लिए आने वाले सैलानियों की काफी संख्या रहती है। प्राकृतिक सौंदर्य को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं, लेकिन इन पर्यटकों की अभिरुचि सबसे अधिक पर्यटन के किस क्षेत्र में है इसका पता अभी तक नहीं चल पाता था।
सैलानियों की इसी रुचि का पता लगाने के प्रयास अब राज्य में शुरू किए जा रहे हैं। इसके तहत होटल, रिसार्ट, टीआरएच सहित अन्य टूरिस्ट सेंटरों में ठहरने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या, आने का उद्देश्य, टूरिस्ट प्वाइंट में गुजारे गए समय सहित पूरा ब्योरा जुटाया जाएगा।
इसके लिए डाटामेशन कंसलटेंसी सर्विस एजेंसी प्राइवेट लिमिटेड को आंकड़े जुटाने का जिम्मा सौंपा गया है। इस एजेंसी ने राज्य के सभी जिलों में अपने कर्मचारी नियुक्त कर दिए हैं। यह कर्मचारी वर्ष भर आने वाले पर्यटकों के आंकड़े एकत्र कर जिला पर्यटन विभाग को सौंपेंगे।
इसके बाद पर्यटन विभाग इन आंकड़ों को मुख्यालय भेजेगा। पर्यटकों की रुचि के आधार पर ही सरकार की ओर से राज्य के सभी क्षेत्रों में संसाधन और सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
जिला पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट बताती हैं कि अभी तक होटल और रेस्ट हाउस के संचालक स्वयं पर्यटकों की संख्या के आंकड़े उपलब्ध कराते थे, लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी कंसलटेंसी एजेंसी को दे दी गई है।
एजेंसी संख्या के साथ ही पीक और लीन पीरियड में सैलानी के आने का उद्देश्य भी आंकड़ों में जुटाएगी। बाद में इन आंकड़ों को जिला स्तर से पर्यटन विभाग के मुख्यालय को भेजा जाएगा।