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बागेश्वर नगर में आबादी तक पहुंची जंगल की आग

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बागेश्वर के चंडिका मंदिर क्षेत्र में आबादी के पास लगी आग। - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर/कपकोट। मौसम में तपिश बढ़ने के साथ वनाग्नि की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। जिला मुख्यालय में चंडिका मंदिर में लगी आग आबादी तक पहुंच गई। पहाड़ी के समीप बसे लोग दहशत में आ गए। इधर कपकोट के झोपड़ा का जंगल भी आग की चपेट में आ गया। सड़क किनारे धधक रही आग को रेडक्रॉस स्वयंसेवियों ने कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया।
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बृहस्पतिवार की सुबह अचानक नुमाइशखेत से लगी चंडिका मंदिर की पहाड़ी आग की चपेट में आ गई। कुछ ही देर मेें आग राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और आसपास के घरों तक पहुंच गई। सूचना पर पहुंचे विभागीय कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
इधर जिला मुख्यालय में कलक्ट्रेट, विकास भवन, चंडिका मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार आग लगने की घटनाएं होने से लोगों में नाराजगी पनप रही है। उनका कहना है कि जब जिला मुख्यालय ही वनाग्नि से सुरक्षित नहीं है तो ग्रामीण क्षेत्रों के जंगल कितने सुरक्षित होंगे, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
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इधर कपकोट के जंगल भी आग से धधक रहे हैं। झोपड़ा के जंगल में अचानक लगी आग ने सड़क से लेकर जंगल का एक बड़े हिस्से पर घास और पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाया है। इस बीच निजी कार्य से शामा की ओर जा रहे रेडक्रॉस के वरिष्ठ सदस्य कैलाश प्रकाश चंदोला की नजर जंगल की आग पर पड़ी। आग तेजी से सड़क की ओर बढ़ रही थी। उन्होंने गाड़ी रुकवाई और अकेले ही आग बुझाने में जुट गए। करीब आधा घंटे तक वह अकेले ही आग बुझाने में जुटे रहे। इस बीच उन्होंने सड़क की ओर आ रही आग को पूरी तरह से बुझाकर ही दम लिया। रेडक्रॉस के महासचिव आलोक पांडेय, जगदीश उपाध्याय, हरीश दफौटी, ललित मोहन जोशी ने उनके कार्य की सराहना की है।
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