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महरगाड़घाटी को मोबाइल टावर कब मिलेगा 

Tue, 13 Jun 2017 10:24 PM IST
गण्ाेश्ा उपाध्याय, बागेश्वर।
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सूचना क्रांति के तमाम दावों, डिजिटल इंडिया और गांवों को इंटरनेट सेवा से जोड़ने को लेकर बड़ी-बड़ी बातें अनेकों मंचों से हो रही हैं। लेकिन, कपकोट ब्लॉक की महरगाड़घाटी में आज तक मोबाइल टावर नहीं लग सका है। यहां की 10 हजार की आबादी को बात करने के लिए तीन किमी की चढ़ाई करनी पड़ती है। संचार सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीण 108 नंबर जैसी आपातकालीन एंबुलेंस सेवा का भी लाभ नहीं ले पा रहे हैं। 
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वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार महरगाड़घाटी के भनार, चुचेर, लाथी, माजखेत, नामतीचेटाबगड़, कनौली, खेती, भदेना और कालापैर काभड़ी गांव की आबादी 10 हजार से भी अधिक पहुंच गई है। लेकिन संचार सुविधा अब तक यहां के बाशिंदों को नहीं मिल सकी है।

पड़ोसी जिला पिथौरागढ़ जिले के नाचनी में लगे आइडिया मोबाइल कंपनी के टावर के सिग्नल भी नहीं पहुंच पाते हैं। लोगों को मोबाइल पर बात करने के लिए अपने घर से एक से तीन किमी की खड़ी चढ़ाई नापनी पड़ रही है। इंटरनेट सुविधा नहीं होने से युवा सरकारी और गैर सरकारी नौकरियों का न तो पता लगा पाते हैं और न ही ऑनलाइन आवेदन ही कर पा रहे हैं। सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं हो पाती।
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अब अधिकतर सरकारी भुगतान लाभार्थी के खाते में आने की बात हो रही है। इस सुविधा के नहीं होने से ग्रामीणों को अपने बचत खाते में भुगतान आने की भी जानकारी नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों की परेशानी तब दोगुनी हो जाती है, जब गांव में किसी की तबियत खराब हो जाती है या कोई दुर्घटना में घायल हो जाता है।

ऐसे में उसे यदि तुरंत अस्पताल पहुंचाना हो तो ग्रामीण 108 नंबर से भी संपर्क नहीं कर पाते हैं। ग्राम प्रधान पार्वती देवी, बीडीसी सदस्य नंदी देवी, पूर्व प्रधान केदार कोरंगा, सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल कोरंगा और गोविंद कोरंगा ने केंद्र सरकार से घाटी में बीएसएनएल के मोबाइल फोन टावर की शीघ्र स्थापना करने की मांग की है।             

आपदाकाल में खलती है समस्या 
बाढ़ और भूस्खलन की दृष्टि से महरगाड़घाटी अत्यधिक संवेदनशील है। आपदाओं से यहां हर साल जन-धन और पशुओं की हानि होती रहती है। संचार सुविधा नहीं होने से घटना की समय से प्रशासन को सूचना नहीं मिल पाती है, जिस कारण आपदा से घिरे लोगों को समय राहत और खोज बचाव के काम नहीं हो पाते हैं। 

महरगाड़घाटी के गांवों के लोगों को संचार सुविधा दिलाने के लिए उन्होंने केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री रवि शंकर प्रसाद को पत्र लिखा है। उम्मीद है कि केंद्रीय मंत्री शीघ्र ही घाटी में मोबाइल फोन टावर लगाने की मंजूरी देंगे। 
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- बलवंत सिंह भार्याल, विधायक कपकोट।  
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