ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का उत्तरायणी मेला और विकास प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में धार्मिक नगरी की सड़कों में निकली झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों और स्थानीय विद्यालयों के बच्चों द्वारा निकाली गई इन झांकियों में उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों की संस्कृति की झलक देखने को मिली। रं संस्कृति और दानपुर के लोगों की चांचरी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
शुक्रवार को उत्तरायणी मेले के उद्घाटन से पहले बागेश्वर नगर में आकर्षक झांकियां निकाली गई। सांस्कृतिक दलों के कलाकार सुबह 11 बजे तहसील परिसर में एकत्र हुए। महिलाओं ने शकुन आंखर भी गाए। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने हरी झंडी दिखाकर झांकी का शुभारंभ किया। जीजीआईसी की छात्राओं ने कलश यात्रा, हिमालयन पब्लिक स्कूल के बच्चों ने कुली बेगार, गंगोलीहाट से आए दल ने छोलिया नृत्य, दीनदयाल स्कूल गरुड़ की छात्राओं ने आकर्षक नृत्य, केआरसी रानीखेत ने बैंड, धारचूला के कलाकारों ने रं संस्कृति पर आधारित नृत्य प्रस्तुत करते हुए झांकी निकाली।
इसके अलावा कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल, गायत्री पब्लिक स्कूल, शिशु मंदिर बागेश्वर सहित नगर के विभिन्न स्कूली बच्चों ने झांकियां निकाली। सभी झांकियां शहर की मुख्य सड़क से होते हुए नुमाइशखेत मैदान स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। सभी दलों के कलाकारों ने मंच पर भी कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
उत्तरायणी मेले के उद्घाटन अवसर पर निकाली गई झांकियों के मौके पर नगर का यातायात पूरी तरह से बंद रहा। तहसील रोड से सरयू पुल तक लगभग एक घंटे तक वाहन नहीं चले। झांकी के नुमाइशखेत पहुंचने के बाद ही सड़क पर यातायात सुचारु किया गया। इस दौरान सभी स्थानों पर बागेश्वर और कपकोट के पुलिस क्षेत्राधिकारियों के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस के जवान मौजूद रहे।
निवर्तमान विधायक चंदन दास, कपकोट विधायक ललित फर्स्वाण, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, नगरपालिका अध्यक्ष गीता रावल, ब्लाक प्रमुख रेखा खेतवाल, भुवन पाठक, उमेद माजिला, बसंत कुमार, बालकृष्ण, नवीन साह, नागेश्वरी जोशी, सुनील भंडारी, इंद्र सिंह परिहार, रणजीत सिंह, भुवन कांडपाल, दीप जोशी, सुबोध साह, प्रकाश जोशी, नंदी परिहार, सुनीता टम्टा, तारा साह, सुनील, नूतन साह, भगवत रावल, ईओ ईश्वर सिंह रावत।