बागेश्वर/कपकोट/कांडा। जिले में बेमौसमी बारिश का दौर जारी है। लगातार दूसरे दिन जिले के अधिकांश हिस्सों में ओलावृष्टि हुई। पूरे जिले में झमाझम बारिश होने से तापमान में कमी आई है। बारिश के दौरान मलबा आने से दो सड़कों पर यातायात बाधित हो गया है। जिला मुख्यालय का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस रहा।
बुधवार रात के बाद जिले में बारिश थम गई थी। बृहस्पतिवार सुबह आसमान में हल्के बादल थे। धीरे-धीरे मौसम खुलना शुरू हुआ और हल्की धूप निकली। दोपहर बाद फिर से मौसम ने करवट बदल ली। करीब दो बजे से कपकोट, कांडा और दुगनाकुरी क्षेत्र में एकाएक तेज बारिश होने लगी। कपकोट नगर और आसपास के क्षेत्र में काफी तेज बारिश हुई। इस दौरान असों, गैरखेत, हरसीला, जगथाना, जारती, पपोली, रीमा, पचार समेत कांडा क्षेत्र के कुछ गांवों में ओलावृष्टि होने लगी। चार बजे बाद जिला मुख्यालय में भी मौसम का मिजाज बदला और तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई। करीब आधा घंटे तक जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्र में तेज बारिश हुई। शाम तक भी हल्की बारिश का दौर जारी रहा। बारिश के बाद जिला मुख्यालय के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की कमी आई।
कपकोट और धपोलासेरा सड़क बंद
बागेश्वर। बृहस्पतिवार को भारी बारिश के बाद बागेश्वर-कपकोट मोटर मार्ग पर काभड़ी भ्योल, ओलानी और हरसीला के पास मलबा आने से यातायात बाधित हो गया। कांडा की रावतसेरा-धपोलासेरा सड़क पर भी मलबा आने के कारण सड़क बंद हो गई। इस दौरान यातायात बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सरयू का पानी हुआ मटमैला, जलभराव से परेशानी
बागेश्वर। जिले में बारिश के बाद सरयू नदी का पानी भी मटमैला हो गया। जलस्तर में भी कुछ बढ़ोतरी हुई है। बारिश से अन्य जलस्रोतों में भी पानी का स्तर बढ़ने की उम्मीद है। अचानक हुई बारिश के दौरान नगर स्टेशन रोड पर जलभराव की परेशानी से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। व्यापार मंडल अध्यक्ष कवि जोशी ने बताया कि कलमठ नहीं होने से लंबे समय से यह परेशानी बनी हुई है।
कहां कितनी बारिश
बागेश्वर। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह तक कपकोट में 21, बागेश्वर में 10, गरुड़ में नौ मिमी बारिश हुई थी।
मकान के समीप गिरा तुन का पेड़, हादसा बचा
कपकोट। बारिश और तेज हवा चलने से कपकोट के चीराबगड़ में गिरीश चंद्र जोशी के मकान की छत पर तुन का पेड़ गिर गया। पेड़ से छत का एक हिस्सा टूट गया। गनीमत रही कि पेड़ मकान के किनारे की तरफ गिरा नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
जिले में अधिकांश हिस्से में बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि हुई है। बंद सड़कों को खोलने का काम चल रहा है। मकान को हुए नुकसान का राजस्व विभाग की टीम ने जायजा ले लिया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, बागेश्वर