शीतकाल में बारिश नहीं होने का असर पेयजल योजनाओं पर पड़ने लगा है। शीघ्र बारिश नहीं हुई तो लोगों के अलावा मवेशियों को भी पानी के लिए परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं।
सूखे के कारण ऊंचाई वाले गांवों में रह रहे लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचते जा रही हैं। पेयजल संस्थान के अनुसार बारिश नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों की 40 प्रतिशत योजनाएं प्रभावित होने की आशंका है।
इस बार जाड़े के मौसम में बारिश नहीं होने के कारण ऊंचाई वाले गांवों के जलस्रोत रिचार्ज नहीं हो सके हैं। इस कारण अनेेक क्षेत्रों में लोगों को अभी से पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
पेयजल संस्थान के पास बागेश्वर, कपकोट नगर, खरेही और धूराफाट क्षेत्र लिए सरयू से पीने के पानी की पंपिंग योजनाएं हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कुल 196 पेयजल योजनाएं हैं। इनसे 452 गांवों और 233 तोक गांवों में रह रहे लोगों की प्यास बुुझती है। इसके अलावा 239 योजनाएं ग्राम पंचायतों के पास हैं।
जिससे 245 गावों और 14 तोक गांवों के लोग लाभान्वित हो रहे हैं। संस्थान के पास कुल 514 हैंड पंप हैं। इनमें से नौ पंपों से लंबे समय से पानी नहीं आ रहा है। पानी का लेबल नीचे चले जाने के कारण संस्थान ने 12 हैंड पंप निष्क्रिय कर दिए हैं। हैंड पंपों के ख्रराब होने के कारण राहगीरों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
पेयजल संस्थान के अधिशासी अभियंता केएस खाती के अनुसार बारिश नहीं होने के कारण ऊंचाई वाले गांवों की 40 प्रतिशत योजनाओं पर असर पड़ने की आशंका है जबकि जो योजनाएं सरयू से बनी हैं उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नगर के लिए सूरजकुंड में सरयू से पंपिंग योजना का निर्माण प्रगति पर है।
योजना के शीघ्र चालू होने पर नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलना शुरू हो जाएगा। पहले बरसात में सरयू में भारी मात्रा में सिल्ट आने के कारण योजना प्रभावित हो जाती थी। नई योजना के निर्माण होने पर अब बरसात में भी लोगों को साफ पानी की आपूर्ति होगी। गर्मी के मौसम में टैंकरों की व्यवस्था के लिए निविदाएं आमंत्रित कर दी हैं जबकि सड़क से दूर वाले गावों में पानी पहुंचाने के इंतजाम किए जाएंगे।
खराब नौ हैंड पंपों को शीघ्र ठीक करवा दिया जाएगा। पेयजल संस्थान ने कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है। लोग अपनी शिकायत फोन नंबर 05963 220038 पर दर्ज करा सकते हैं।
मांग के अनुसार नहीं हो पा रही नगर में पानी की आपूर्ति
बागेश्वर। नियमानुसार नगर क्षेत्र में एक दिन में प्रति व्यक्ति 120 लीटर पानी जबकि ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिदिन 40 लीटर पानी की आपूर्ति होनी चाहिए। नगर क्षेत्र में इन दिनों प्रति व्यक्ति 30 लीटर पानी मिल पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ इलाकों को छोड़कर ग्रामीणों को पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति हो रही है।