गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में पेयजल संकट गहराने लगा है। जिला मुख्यालय के मंडलसेरा दक्षिणी वार्ड के भुल्यूड़ा में प्राकृतिक स्रोत भाना नौला सूखने और नलों में पानी की आपूर्ति कम होने से पेयजल संकट गहरा गया है। करीब 3000 की आबादी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। लोग सड़क किनारे लगे एकमात्र हैंडपंप से पानी जुटा रहे हैं। वार्ड निवासी विमला देवी, दीपा देवी, देवकी देवी, भावना देवी, काजल, गुड़िया, राधा देवी आदि ने बताया कि हर साल गर्मी आते ही वार्ड में पेयजल संकट गहराने लगता है। हैंडपंप पर पानी के लिए भीड़ लग रही है। पेयजल जुटाने के चलते रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।
इधर, कठपुड़ियाछीना क्षेत्र के धूराफाट में सरयू नदी का जलस्तर कम होने से पंपिंग योजना से पेयजल आपूर्ति बाधित है। 10 से अधिक गांवों की करीब 5000 की आबादी प्राकृतिक जलस्रोत नौले और धारों से पीने का पानी जुटा रही है। क्षेत्रवासी जल संस्थान से लगातार पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग कर रहे हैं।
नगरीय क्षेत्र के पेयजल संकट वाले वार्ड में टैंकर की मदद से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। धूराफाट क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारू कराने के लिए सरयू नदी के पानी को पंप की ओर मोड़ने का काम चल रहा है। जल्द ही ग्रामीणों को पेयजल संकट से निजात मिल जाएगी। -सीएस देवड़ी, ईई जल संस्थान बागेश्वर।