बागेश्वर। गर्मी बढ़ने के साथ ही नदियों के जलस्तर में कमी आने लगी है। सरयू नदी का जलस्तर गिरने से काफलीगैर तहसील के धूराफाट क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है। क्षेत्र के करीब 12 गांवों की पांच हजार से अधिक की आबादी को पानी जुटाने के लिए प्राकृतिक जलस्रोत और हैंडपंप का सहारा लेने पड़ा रहा है।
धूराफाट क्षेत्र के रैखोली, बोहाला, नंदीगांव, सिया, बौड़ी, एरियागाड़, असों, चनबौड़ी, पाना, घटगाड़ आदि गांवों में सरयू नदी से बनी धूराफाट पेयजल योजना से पेयजल आपूर्ति की जाती है। हर साल गर्मी आने पर सरयू का जलस्तर कम होने से पंप तक पानी नहीं पहुंच पाता है। विगत वर्षों तक मई में यह दिक्कत होती थी, इस बार सर्दियों में बारिश कम होने से अप्रैल में ही सरयू नदी का जलस्तर गिर गया है। पंप तक पानी नहीं पहुंचने से करीब एक सप्ताह से क्षेत्र के गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है। सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि लोगों को पेयजल संकट के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कोट
सरयू नदी का पानी पंप की ओर मोड़ने के लिए कर्मचारी लगा दिए गए हैं। काम में तेजी लाने के लिए जेसीबी लगाने की अनुमति प्रशासन से मांगी है। मशीन लगाने की अनुमति मिलने के बाद तेजी से पानी डायवर्ट कर क्षेत्र में जलापूर्ति करा दी जाएगी। - सीएस देवड़ी, ईई जल संस्थान, बागेश्वर
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टैंक सूखे, टैंकर से हो रही जलापूर्ति
-पेयजल योजनाओं के जवाब देने से गुरुड़ाबांज, बल्टा, लमगड़ा में गहराया जल संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
अल्मोड़ा। गर्मी बढ़ते ही पेयजल योजनाओं का साथ छूटने लगा है। योजनाओं से पर्याप्त जलापूर्ति न होने से टैंक सूख गए हैं और इनमें टैंकरों से पानी जलापूर्ति हो रही है। गुरुड़ाबांज, बल्टा, लमगड़ा में जल संकट गहराने से आठ हजार से अधिक लोग परेशान रहे। प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर, डंपर, पिकअप से पानी बांटकर राहत पहुंचाई।
धौलादेवी के गुरुड़ाबांज, हवलाबाग के बल्टा और लमगड़ा मुख्य बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों में जलापूर्ति ठप रही। नल सूखे रहे और क्षेत्र की आठ हजार से अधिक की आबादी को पानी के लिए जूझना पड़ा। उन्हें प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगानी पड़ी। हालात यह रहे कि गुरुड़ाबांज में योजना का टैंक पूरी तरह से सूखा मिला। सूचना के बाद जल संस्थान टैंकर लेकर मौके पर पहुंचा और सूखे टैंक में पानी भरकर लोगों के घरों तक पानी पहुंचाया। वहीं बल्टा और लमगड़ा में भी डंपर और पिकअप से पानी बांटकर लोगों को राहत पहुंचाई। जल संस्थान के जेई विरेंद्र मेहता ने कहा कि गर्मी बढ़ने के साथ जल स्रोतों का जलस्तर काफी घट गया है। ऐसे में योजनाओं से जलापूर्ति घट गई है। संस्थान टैंकर से पानी बांटकर लोगों को राहत पहुंचा रहा है। संवाद