बागेश्वर। जिले में पर्याप्त पानी न मिलने से लोग परेशान हैं। नगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किल्लत लगातार बनी हुई है। लोगों का कहना है कि उनके पास बिल तो पूरा आ रहा है लेकिन पानी नहीं।
मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बालकृष्ण के नेतृत्व में जिला मुख्यालय में महिलाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हर घर नल, हर घर जल योजना पर सवाल उठाए। बालकृष्ण ने कहा कि सरकार की जल जीवन मिशन योजना फेल हो चुकी है। लोगों के घरों में खानापूरी के लिए नल तो लगा दिए गए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आता। जो पानी पहले से आ रहा था इस योजना के बाद वह भी बंद हो गया है। बागेश्वर नगर समेत खरेही, धूराफाट, गरुड़, लाहुरघाटी के लोग पानी के लिए परेशान हैं। आए दिन लोगों को पानी के लिए गाड़, गधेरों और नौलों की दौड़ लगानी पड़ती है। इस दौरान बहादुर सिंह बिष्ट, महेश पंत, अर्जुन देव, आनंद सिंह, रमेश चंद्र आदि थे। (संवाद)
इधर, रानीखेत में भी भड़के लोग
रानीखेत (अल्मोड़ा)। पेयजल समस्या के निस्तारण के लिए ताड़ीखेत ब्लॉक मुख्यालय में बुलाई गई बैठक में जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने जल संस्थान की वितरण प्रणाली पर सवाल उठाए। ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत ने जैसे तैसे मामले को शांत कराया, उन्होंने आश्वासन दिया कि वह खुद समस्याग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे। पथुली और पपना गांव में पेयजल टैंक भी बनाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल समस्या के निराकरण के निर्देश भी जारी किए।
इन दिनों हर गांव में पानी का संकट चल रहा है। इसी के मद्देनजर ब्लॉक प्रमुख ने ग्रामीणों की बैठक बुलाई थी। बैठक में आए पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। अवैध संयोजन तक दिए गए हैं। महीने में बमुश्किल दो या तीन दिन आपूर्ति हो पा रही है। पेयजल स्रोत पहले से ही सूख चुके हैं। ताड़ीखेत क्षेत्र के लोगों ने कहा कि मुख्य लाइन से पानी के संयोजन दिए गए हैं। जिससे समस्या और अधिक बढ़ रही है। बैठक में कुजगड़ नदी से पंपिंग योजना बनाए जाने की मांग की गई। ब्लॉक प्रमुख हीरा रावत ने कहा कि सिमोली, पथुली, पपनो क्षेत्र में वह स्वयं जाएंगे और पानी की स्थिति का जायजा लेंगे। इस दौरान ज्येष्ठ उप प्रमुख मोहन सिंह, प्रधान मंजीत भगत, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सुरेश ठाकुर, अवर अभियंता मनोज पांडे, निगम के सहायक अभियंता बीएस रौतेला आदि थे। वहीं मोड़ी धूरा की महिलाओं ने मंगलवार को जल संस्थान कार्यालय में आकर आक्रोश जताया। उनका कहना था कि जनसंख्या बढ़ने के बावजूद पतली पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। जिससे पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। जल संस्थान के अवर अभियंता मनोज पांडे का कहना है कि धूरा गांव की पेयजल योजना को 32 वर्ष हो गए हैं। इस योजना से 30 गांवों को पेयजल वितरण किया जाता है। पंपिंग जल निगम से की जाती है। रोस्टर के आधार पर पानी दिया जाता है। आक्रोश जताने वालों में प्रेमा देवी, विमला देवी, माया देवी, इंदिरा देवी, आनंदी देवी, पार्वती देवी, प्रियंका देवी, गीता देवी, भगवती देवी आदि थीं।
कम से कम पानी तो पूरा दे दो...
अल्मोड़ा। धौलादेवी विकासखंड की ग्राम पंचायत बमनस्वाल के लोग पानी की पर्याप्त आपूर्ति न होने से परेशान हैं। ग्रामीणों को न तो पर्याप्त पेयजल मिल रहा है और न ही सिंचाई के लिए पानी। इस संबंध में ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर समस्या का निदान करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि गांव के लिए तीन पेयजल योजनाएं बनीं हैं। हर वर्ष जिनकी मरम्मत के नाम पर काफी धनराशि खर्च की जाती है। इसके बाद भी ग्रामीणों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिलता। योजनाओं में पानी के फिल्टर की भी कोई व्यवस्था नहीं है। कई बार गंदे पानी की आपूर्ति होती है और पानी पीने योग्य नहीं रहता। वहीं गांव के खेतों की सिंचाई के लिए दो नहरें बनी हैं। वे भी बदहाल हैं। पिछले वर्षों में सिंचाई विभाग ने नहरों की मरम्मत कार्य भी किया लेकिन फिर भी लीकेज की समस्या बनी हुई है। किसानों को आलू, प्याज की फसल के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। यदि नहरों की मरम्मत नहीं की गई तो किसानों की फसल बर्बाद हो जाएगी। ग्रामीणों ने नहरों की मरम्मत करने की मांग की है। उन्होंने पूर्व में पेयजल और सिंचाई योजनाओं की मरम्मत में खर्च हुई धनराशि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जांच की मांग भी उठाई। इस दौरान ब्रह्मानंद डालाकोटी, नंदाबल्लभ, मोहन चंद्र उपाध्याय, मोहन चंद्र तिवारी, शेखर राम आदि थे।
सिंचाई गूल में अनियमितता की जांच की जाए
अल्मोड़ा। जिला योजना के अंतर्गत खेती पांडे नहर की मेन गूल और सहायक गूल के जीर्णोद्धार में स्वीकृत बजट पूरा खर्च नहीं करने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। ग्रामीणों ने इस मामले में सिंचाई खंड के ईई को ज्ञापन देकर मामले की जांच करने की मांग की। जांच न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने कहा कि जिला योजना के तहत खेती पांडे नहर की सहायक गूल संख्या दो का जीर्णोद्धार कार्य के लिए 5.70 लाख रुपये आवंटित हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वीकृत राशि के सापेक्ष 3.97 लाख रुपये ही खर्च किए गए हैं। उन्होंने पूरा बजट खर्च नहीं करने पर नाराजगी जताई है। कहा कि इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में आरआईटी कार्यकर्ता लोकेश नेगी, हयात नेगी, हंसी देवी, आनंद नेगी, जीवन सिंह आदि शामिल हैं।