बागेश्वर। पालड़ीछीना-जैनकरास-कनगाड़छीना सड़क का निर्माण कार्य 15 साल के बाद भी पूरा न होने के कारण पांच गांवों के करीब 350 लोग यातायात सुविधा से वंचित हो गए हैं।
जिले के दूरस्थ गांव जैनकरास निवासी रिटायर्ड नायब सूबेदार फते सिंह करायत का कहना है कि पालड़ीछीना-जैनकरास -कनगाड़छीना सड़क के वर्ष 2005 में स्वीकृत हो गई थी। इस सड़क को उनके पिता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय महेंद्र सिंह करायत के नाम से स्वीकृत किया गया था। 12 किमी में से केवल सात किमी सड़क का ही निर्माण हो पाया है। शेष पांच किमी सड़क न बनने से जैनकरास, बगनीगाड़, हरखोला, डालाखोला, कनगाड़छीना के लोगों को यातायात सुविधा नहीं मिल पाई थी। सड़क न होने से 75 लोग पलायन कर चुके हैं। शासन-प्रशासन के सामने कई बार मामला उठाने के बाद भी अवशेष सड़क का निर्माण नहीं हुआ। ग्रामीण सुंदर सिंह, मोहन सिंह, कुंदन सिंह, मोहन जोशी, नवीन जोशी, नंदाबल्लभ जोशी, मोहन राम आदि ने सड़क निर्माण को शीघ्र पूरा करने के साथ ही गांव की मूलभूत समस्याओं को दूर करने की मांग की है। लोनिवि के एई कैलाश चंद्र आर्या ने बताया कि वन भूमि न मिलने के कारण सड़क पूरी नहीं बन पा रही है। स्वीकृत मिलते ही सड़क का कटान किया जाएगा।