बागेश्वर। कारगिल शहीद रमेश सिंह परिहार के गांव डुंगरगांव को बनने वाला मोटर मार्ग 2018 से अधर में लटका है। सड़क नहीं बनने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के चक्कर काटने के बावजूद सड़क को लेकर कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे नाराज होकर ग्रामीण 2022 के विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का मन बनाने लगे हैं।
सोमवार को डुंगरगांव के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी विनीत कुमार को ज्ञापन दिया। ग्राम प्रधान ललित मोहन सिंह परिहार ने बताया कि सालों से गांव के लिए मोटर मार्ग का निर्माण किया जा रहा है, जो अब तक पूरा नहीं हो पाया है। गांव से सड़क अब भी चार किमी दूर है। उन्होंने बताया कि सड़क की सैद्घांतिक स्वीकृति पूर्व में मिल चुकी है। 84.65 लाख की लागत का प्रस्ताव भी विभाग को भेजा जा चुका है। प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने के कारण काम ठप पड़ा है। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार मांग करने के बावजूद शासन या प्रशासन की ओर से सुनवाई नहीं हो रही है। अगर जल्द सड़क का काम पूरा नहीं हुआ तो ग्रामीण आर-पार का संघर्ष करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन देेने वालों में कमल सिंह, पुष्पा देवी, महेश जोशी, दिवाकर जोशी, भीम सिंह, रमेश सिंह आदि शामिल थे।
पूर्व में भी कर चुके हैं चुनाव बहिष्कार
बागेश्वर। मोटर मार्ग निर्माण की मांग को लेकर पूर्व में भी नैल, डुंगरगांव और मजबे के ग्रामीणों ने वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया था। उस वर्ष मजबे के राप्रावि में बने पोलिंग बूथ में एक भी वोट नहीं पड़ा था। अब एक बार फिर से ग्रामीण मोटर मार्ग की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार करने की बात कर रहे हैं।
रिपब्लिकन पार्टी ने की निर्माण कार्यों के जांच की मांग
बागेश्वर। रिपब्लिकन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल वनवासी ने डीएम को ज्ञापन देकर जिले में चल रहे निर्माण कार्यों में हो रही लापरवाही की जांच करने की मांग की। उन्होंने पिंगलो में बने भूमि प्रमाण पत्र, पिंगलो-सिमखेत मोटर मार्ग के सोलिंग, डामरीकरण, दीवार निर्माण, पुल की गुणवत्ता और वन विभाग के मजकोट, छत्यानी, बजवाण रेंज से हो रहे छिलका, गुलिया की निकासी की भी जांच करने की मांग की।