बागेश्वर के मजियाखेत और कफलखेत गांवों में दर्जनों ग्रामीण उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए। स्थिति खराब होने पर पांच मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। स्थिति की जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर लगभग 38 लोगों को दवा वितरित की।
उल्टी-दस्त का कारण दूषित पानी की आपूर्ति माना जा रहा है। बुधवार की रात नगर से सटे मजियाखेत और कफलखेत गांवों के तीन दर्जन से अधिक ग्रामीण उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए। दिनेश चंद्र, स्वाति, गीता, बसंत पांडे, भुवन चंद्र को रात में ही अस्पताल में भर्ती किया गया।
एकाएक दर्जनों ग्रामीणों को उल्टी-दस्त की चपेट में आने की शिकायत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। गुरुवार की सुबह सीएमओ के निर्देश पर एक टीम ने प्रभावित गांवों में पहुंचकर 38 लोगों को दवाइयां वितरित की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दूषित पानी से उल्टी दस्त होने की आशंका जताते हुए लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी।
सीएमओ डॉ. शैलजा भट्ट ने बताया कि उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद मजियाखेत और कफलखेत गांवों में दवा का वितरण किया गया है। अब स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि बारिश में दूषित पानी की आपूर्ति होने से बीमारियों का खतरा रहता है। जल संस्थान को पेयजल टैंक की सफाई के लिए लिखा गया है। इधर जिला अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को छुट्टी दे दी गई है।