जन संघर्ष समिति की बैठक में कठपुड़ियाछीना के अलग ब्लॅाक नहीं बनने और क्षेत्र की अन्य लंबित समस्याओं का समाधान न होने पर नाराजी जताई गई। समस्याओं का जल्द समाधान न होने पर 17 दिसंबर को कलक्ट्रेट में धरना, प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई।
जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र रावत की अध्यक्षता में कठपुड़ियाछीना में हुई बैठक में कहा गया कि अलग ब्लॉक न बनने से गांवों का विकास नहीं हो रहा है। आईटीआई का भवन न बनने से प्रशिक्षणार्थियों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। नए ट्रेड भी संचालित नहीं किए जा रहे हैं।
बिलौना-पगना सड़क का सोलिंग तक नहीं किया गया है। दाणोंछीना-लोब-बेहरगांव सड़क का डामरीकरण और किमी छह में पुल का निर्माण नहीं हो सका है। सिमस्यारी गांव को खांकर नलकूप से पानी शीघ्र उपलब्ध कराने, कठपुड़ियाछीना-शेराघाट सड़क से लिंक सड़क से जोड़ने, सैैंज-रीठागाड़ में तीन साल पहले आई आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई गूलों का शीघ्र पुनर्निर्माण करने, खरेही के लोगों के लिए मन्याछीना में नलकूप निर्माण करने आदि की समस्याएं लंबित हैं।
आंदोलन को तेज करने की रणनीति तैयार की जाएगी। महेश मिश्रा के संचालन में हुई बैठक में ओम प्रकाश टम्टा, देवी दत्त मिश्रा, बालम सिंह रावत, गोविंद मनकोटी, नारायण मेहता, प्रधानों में प्रेम राम, कृष्णा सिंह, अर्जुन सिंह रावत, सुंदर सिंह, राजेंद्र प्रसाद, राजन राम, सतीश टम्टा, प्रमोद मेहता, शंकर सिंह आदि थे।