ग्रामीणों के आपसी विवाद के चलते दुग नाकुरी तहसील के लिए स्वीकृत राजकीय महाविद्यालय नहीं खुल सका है। बनलेख में मंजूर कॉलेज को पतकन्या में खोलने की मांग के कारण यह मामला न्यायालय तक पहुंचा है। यहां के लिए नियुक्त दो प्रवक्ताओं को फिलहाल बागेश्वर स्थित पीजी कॉलेज से संबद्ध कर दिया गया है।
दुग नाकुरी तहसील पिछले वर्ष अस्तित्व में आई। लोगों की मांग पर राज्य सरकार ने महाविद्यालय भी मंजूर किया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम दत्त जोशी आदि लोगों की मांग पर इसे बनलेख में मंजूरी मिली। इसके खिलाफ पतकन्या क्षेत्र के कुछ लोगों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके महाविद्यालय पतकन्या में खोलने की मांग की।
एक तरफ दो इलाकों की खींचतान के कारण मामला न्यायालय में है, दूसरी तरफ सरकार ने यहां के लिए दो शिक्षकों की नियुक्ति कर दी थी। इनकी नियुक्ति पूर्व स्वीकृत बनलेख महाविद्यालय के नाम से हुई। दोनों शिक्षक कार्यभार ग्रहण करने आए थे। बागेश्वर स्थित राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एससी पंत ने बताया कि उच्च शिक्षा निदेशक के निर्देेश पर फिलहाल दोनों को यहां संबद्ध किया गया है।
इनमें से एक प्रवक्ता ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। दूसरे प्रवक्ता भी शीघ्र कार्यभार लेंगे। कोर्ट से मामला निस्तारित होने के बाद प्राध्यापकों को दुग नाकुरी तहसील क्षेत्र के मूल तैनाती स्थल पर भेज दिया जाएगा।