अंतिम और दुर्गम गांव खलझूनी में जन्मी सोनिया टाकुली अभिनय के क्षेत्र में लगातार सफलता की तरफ बढ़ रही हैं। 2005 में कलाकार्ज नामक कार्यक्रम से कॅरिअर की शुरुआत करने वाली सोनिया कई सीरियलों में काम करने के बाद इस वक्त जी टीवी पर प्रसारित ‘जंवाई राजा’ सीरियल में अभिनय कर रही हैं।
सोनिया का जन्म 1983 में खलझूनी गांव में हुआ।
उनके पिता कैप्टन चामू सिंह टाकुली सेना में थे। शैशव काल में ही सोनिया अपने पिता के साथ चली गई, देश की कई केंद्रीय विद्यालयों में इंटर तक की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक, भातखंडे संगीत महाविद्यालय से भरत नाट्यम में आठ वर्षीय विशारद का कोर्स किया। कुछ समय तक दिल्ली स्थित श्रीराम सेंटर में अनुभव प्राप्त करने के साथ ही रंगमंच से जुड़ी रहीं।
2005 में कलाकार्ज कार्यक्रम के माध्यम से छोटे पर्दे पर प्रवेश किया। इसके बाद डीडी वन के ‘झूमें नाचें गाएं’ में, लाइफ ओके के ‘सावधान इंडिया में’, सोनी टीवी के ‘क्राइम पेट्रोल’, सहारा के ‘घर आ जा परदेशी’ में काम करने के बाद अब जी टीवी के ‘जंवाई राजा’ में अभिनय कर रही हैं। सोनिया के पिता कैप्टन चामू सिंह लखनऊ में बस गए हैं।
मां हेमा देवी का पिछले साल देहांत हो गया है। उनके बड़े भाई सेना में जेसीओ, छोटे भाई सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। सोनिया के ताऊ भागीचंद्र सिंह टाकुली खलझूनी गांव में जड़ी-बूटी उत्पादन कर रहे हैं।
सोनिया ने बताया कि वह जीटीवी पर शाम 8:30 बजे प्रसारित ‘जंवाई राजा’ सीरियल में शकुंतला नाम की अविवाहिता लड़की का रोल निभा रही हैं, जो अपनी मां के साथ एक प्रतिष्ठित गुजाराती परिवार में वर्चस्व कायम करने के लिए आती है।
सोनिया ने मुंबई से फोन पर बताया कि वह शैशव काल में ही पिता के साथ चली गई थी। इसके बाद गांव आने का मौका नहीं मिला। इसके बावजूद उन्हें अपने गांव और पहाड़ के साथ गहरा प्यार है। वहां के देवी देवताओं की कृपा से ही उन्हेें पहचान मिल रही है।