बीमार को 15 किमी डोली में लाए ग्रामीण
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बागेश्वर जिले के बदियाकोट-बोरबलड़ा सड़क पर यातायात बाधित होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गांव से बदियाकोट तक आने के लिए ग्रामीणों को 15 किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है। मरीजों को लाने के लिए डोली ही एकमात्र सहारा है। डेढ़ महीने से सड़क बंद होने के कारण 13 दिन के भीतर ग्रामीणों को दूसरी बार मरीज को डोली की मदद से बदियाकोट तक लाना पड़ा है।
हरीश दानू ने बताया कि गांव के समडर तोक निवासी रूप सिंह (7 0) पुत्र खुशाल सिंह की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उन्हें बुखार, निम्न रक्तचाप की समस्या हुई और चलने-फिरने में दिक्कत होने लगी। ग्रामीणों ने लकड़ी और रस्सी की मदद से डोली का निर्माण किया और उन्हें कंधे पर ढोकर बदियाकोट तक लाए।ग्रामीणों को करीब पांच घंटे तक पैदल चलना पड़ा।
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सीएचसी कपकोट में जांच के बाद बुजुर्ग को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क खुलवाने की मांग की है। बुजुर्ग को लाने वालों में प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक विनोद कोरंगा, ग्रामीण विरेंद्र सिंह, हरीश सिंह, भजन सिंह, अर्जुन सिंह, हीरा सिंह, लाल सिंह, कपिल सिंह, चंदन सिंह आदि शामिल थे। वहीं, 16 अगस्त को बोरबलड़ा गांव के बुजुर्ग की सेहत बिगड़ने पर ग्रामीण उन्हें डोली की मदद से बदियाकोट तक लाए थे, जहां से उन्हें सीएचसी कपकोट पहुंचाया गया था।