अल्मोड़ा के नंदादेवी की रामलीला में शबरी प्रसंग का दृश्य।
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सांस्कृतिक नगरी में विभिन्न स्थानों पर आयोजित रामलीला में ठंड के बावजूद दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है। रामलीला में सातवें दिन राम विलाप से लेकर हनुमान जागर तक के प्रसंग मंचित हुए। एनटीडी की रामलीला में हनुमान का राम मिलन, बालि-सुग्रीव संवाद, लंका दहन आदि प्रसंग दिखाए गए।
अशोक वाटिका में पहुंचने पर पवन सुत हुनमान द्वारा सीता माता से अतिशय भूख लगी मोहे माता आज्ञा दो फल खाऊं... संवाद कहकर फल खाने की आज्ञा मांगने का दृश्य मार्मिक रहा। श्री लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब की रामलीला में राम विलाप, जटायु उद्धार, कबंध उद्धार, राम-सुग्रीव मैत्री, मायावी दुंदुभि प्रसंग, बाली वध आदि प्रसंग मंचित किए गए। सरकार की आली, कर्नाटक खोला में भी रामलीला जारी है। मुख्य अतिथि व्यवसायी प्रकाश रावत और पूर्व पालिकाध्यक्ष शोभा जोशी थीं। इसके अलावा नगर के नंदादेवी, धारानौला, खत्याड़ी, राजपुरा में भी रामलीला मंचन जारी है। ठंड के बावजूद रामलीला देखने दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है।
सोमेश्वर में पुत्र वियोग में राजा दशरथ ने त्यागे प्राण
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। सोमेश्वर की रामलीलाल में पांचवें दिन राम-लक्ष्मण के वन गमन, केवट मिलन, दशरथ मरण, भरत- कैकेई संवाद, भरत वन गमन, राम-भरत मिलाप आदि प्रसंगों का मंचन किया गया। ठंड के बावजूद भंडारी गांव, दड़मोडी रतुराठ, मल्ला खोली, वमन थलिया, रौतेला गांव, माला समेत अन्य गांवों से काफी संख्या में ग्रामीण रामलीला देखने पहुंचे।