मजियाखेत में पानी न मिलने से नाराज महिलाओं ने जमकर हंगामा काटा। उन्होंने खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन किया। महिलाओं ने जनप्रतिनिधि और अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाया। जल्द आपूर्ति सुचारु न होने पर निकाय चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी भी दी।
बुधवार सुबह नौ बजे तक भी पानी नहीं आया तो मजियाखेत की महिलाओं का धैर्य जबाब दे गया। खाली बर्तन लेकर उन्होंने मौके पर ही प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। क्षेत्रवासियों ने कहा कि पिछले 10 दिनों से कभी कभार पानी आ रहा है। पीने की जरूरत तक पूरी नहीं हो पा रही है। जबकि जल संस्थान नियमित तौर पर बिल वसूलता है। लेकिन उपभोक्ताओं की तकलीफ सुनने वाला कोई नहीं है। उन्हें प्राकृतिक स्रोतों से एक किमी दूर से भी पानी ढोना पड़ रहा है। चेताया कि पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह पालिका चुनाव का बायकाट करेंगे।
इस दौरान रश्मि गढ़िया, सीमा गढ़िया, रेखा पांडे, कविता बिष्ट, मुन्नी तिवारी, भारती देवी, सृष्टी मेहता, राधा देवी, सुषमा तिवारी, रजनी, चंपा बिष्ट, प्रियांश नेगी, सुंदर सिंह मेहरा, जगदीश पांडे, साहिल बिष्ट, धरम सिंह रौतेला, तन्मय गढ़िया, हयात सिंह, दिलीप सिंह गढ़िया, लावण्या ठठोला, वर्तिका ठठोला,कुमकुम बिष्ट, नीतू कार्की, कमला मनराल, रेखा मनराल, प्रिया नेगी आदि थे।
जखेड़ा योजना क्षतिग्रस्त होने से समस्या गहराई
बागेश्वर। जखेड़ा योजना क्षतिग्रस्त होने से जिला मुख्यालय और आसपास की 10 हजार की आबादी की मुश्किल बढ़ गई है। आपूर्ति प्रभावित होने से योजना पर निर्भर मजियाखेत समेत द्यांगण, नदी गांव, आरे, कठायतबाड़ा, मंडलसेरा, तहसील रोड में पीने के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। ईई नंद किशोर का कहना है कि योजना की मरम्मत कराई जा रही है। जल्द आपूर्ति सुचारु हो जाएगी। ब्यूरो