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UK: राशन की सब्सिडी के लिए पहाड़ की चोटी पर लग रहा सत्यापन दरबार, 300 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंच रहे कार्डधारक

Tue, 16 Dec 2025 01:50 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, बागेश्वर

सार

रातिरकेटी गांव के राशन कार्डधारकों को बायोमेट्रिक केवाईसी कराने के लिए पर्वतारोही बनना पड़ रहा है। नेटवर्क की खोज में वे डेढ़ किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़कर 300 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंच रहे हैं।
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कपकोट के रातिरकेटी गांव के जंगल में राशन कार्ड सत्यापन कराने लगी लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बागेश्वर जिले के कपकोट के रातिरकेटी गांव के राशन कार्डधारकों को बायोमेट्रिक केवाईसी कराने के लिए पर्वतारोही बनना पड़ रहा है। नेटवर्क की खोज में वे डेढ़ किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़कर 300 मीटर ऊंची चोटी पर पहुंच रहे हैं जहां ठिठुरन के बीच पत्थरों की खोह में परिवार सहित बैठकर डिजिटल सत्यापन कराना पड़ रहा है।

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राशन कार्ड की वैधता बनाए रखने के लिए प्रत्येक कार्डधारक को बायोमेट्रिक केवाईसी (नो योर कस्टमर) कराना अनिवार्य है। कपकोट के दुर्गम गांव रातिरकेटी में सौ से अधिक परिवार हैं और आबादी करीब 700 है। गांव में नेटवर्क की समस्या बायोमेट्रिक केवाईसी में बाधक बन रही है। इसके लिए ग्रामीणों को 300 मीटर ऊंची थेराघांघव की चोटी पर जाना पड़ रहा है। ग्रामीण सुबह होते ही बच्चों को गोद में उठाकर दोपहर का खाना लेकर चोटी पर पहुंच जाते हैं। यदि नेटवर्क पकड़ में आ गया तो ठीक, वर्ना शाम तक सर्द हवाओं के बीच पत्थरों पर बैठे रहना उनकी मजबूरी बन गया है।ग्राम प्रधान कलावती देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य पुष्पा देवी, विजय मेहता, देव सिंह, लक्ष्मण सिंह, तारा सिंह, आन सिंह, लाल सिंह, दलीप सिंह आदि का कहना है कि उनका गांव आज भी डिजिटल इंडिया से कोसों दूर है। केवाईसी कराने के लिए ग्रामीणों को हर दिन चोटी पर पहुंचना पड़ रहा है। 

रातिरकेटी में लगे बीएसएनएल टावर में खराबी आने की कोई शिकायत नहीं है। नेटवर्क की समस्या किस कारण से हुई है इसकी जांच की जाएगी। कोई तकनीकी दिक्कत होगी तो उसे जल्द दूर किया जाएगा। - आशीष निगम, डीई, बीएसएनएल बागेश्वर

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