वीरांगना ग्राम पंचायत महिला जनप्रतिनिधि संगठन ने नगर से सटी ग्राम सभाओं को नगर पालिका में शामिल करने का विरोध किया है। सोमवार को गुस्साई महिलाओं ने केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा का घेराव किया।
जिला भ्रमण पर आए केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री का घेराव करते हुए महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि जो क्षेत्र अभी तक नगर पालिका में शामिल हैं, उनमें कूड़ा निस्तारण, नाली सफाई, पथ प्रकाश जैसी सुविधाएं नहीं हैं। नगर वासियों को दिक्कतों से जूझना पड़ता है। ऐसे में 21 नए गांवों को नगर पालिका में शामिल करने से तमाम परेशानियां बढ़ेंगी। इसका खामियाजा गांवों में रहने वाली गरीब जनता को भुगतना होगा। ग्रामीणों के चरागाह और पनघट भी छिनेंगे। महिलाओं ने केंद्रीय राज्य मंत्री से इस प्रस्ताव को रद करने की मांग उठाई। घेराव करने वालों में प्रधान नीमा पालनी, इंद्रा देवी, गंगा माजिला, विमला देवी, जयंती देवी, रेवती मेहता, बसंती देवी, खिमुली देवी सहित सैंज, पालनीकोट, कफलखेत, मजियाखेत, बिलौना, मेहनरबुंगा, नदीगांव, कठायतबाड़ा, मंडलसेरा, द्यांगण, भतरोला की पंचायत प्रतिनिधि शामिल थीं।
उधर, ग्राम पंचायत मेहनरबूंगा के ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत को पालिका में शामिल करने का विरोध करते हुए कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर डीएम रंजना को को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान जयंती देवी, उप प्रधान प्रताप राम हेमा देवी, गोविंद राम, गोपाल बिष्ट, सुरेश चंद्र, पूर्व प्रधान रमेश राज, राजेंद्र प्रसाद, हरिकृष्ण, शेर राम, हिम्मत राम, हयात रात, भरत, सुंदर, बहादुर और सुरेश चंद्र आदि थे।