फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तरायणी में हुई कवि गोष्ठी

Thu, 21 Jan 2016 11:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरायणी के उपलक्ष्य में यहां नुमाइशखेत में काव्य गोष्ठी हुई, जिसमें ज्वलंत मसलों के साथ ही उत्तराखंड के सौंदर्य पर भी कविता पाठ किया गया। डॉ. केएस रावत ने भ्रष्टाचार पर कविता पेश करते हुए कहा : ‘खाओ, खाओ है रै चारों ओर’। वृक्षप्रेमी किशन सिंह मलड़ा ने ‘बिन मांगे जो देदे वह सिर्फ प्रकृति ही है।
विज्ञापन


म्यारा गैला पातला, न्योली बांसैछी’ कविता के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्र की प्राचीन समृद्धि, बहुमुखी छटा को शब्द दिए। गोष्ठी में रमेश प्रकाश पर्वतीय, रमेश चंद्र पांडे बृजवासी, केशवानंद जोशी, संतोष तेवारी, चंद्रशेखर बड़सीला, मोहन जोशी, विनोद प्रकाश, संजय गुरुरानी, गणेश पाठक, भूपेंद्र कुमार, दीप पांडे, गोपाल सिंह बोरा, जगदीश दफौटी, खष्टी गंधरिया, प्रियंका जोशी, कंचन सिंह, भुवन सिंह कैड़ा, बजरंग बहादुर सिंह आदि ने भाग लिया।

बुुधवार की रात उत्तरायणी मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विधिवत समापन हो गया है। समापन की रात लोक कलाकार पप्पू कार्की एंड पार्टी की टीम के नाम रही। मेलार्थी कलाकार पप्पू कार्की के गीत डीडीहाट की छमना छ्योड़ी... के गायन पर लोग झूम उठे।
विज्ञापन


मेलास्थल ऐतिहासिक नुमाईशखेत मैदान स्थित रामलीला भवन में समापन के मौके पर पप्पू कार्की ने उत्तरैणी कौतिक लाग र छ सरयू बगड़ मां..., आ जा रे चैत बैसाखा मेरा मुनस्यारा..., सुणि ले दगड़िया बात सुणी जा..., डीडीहाट की छमना छ्योड़ी..., गिर गों बटि पूजि गेे कालमुनि मंदिर..., प्रह्लाद मेहरा ने गीत ओ हिमा कांछू तेरो जलेबी क डाब..., मंगल बिष्ट ने देवी भगवती मां कोटगाड़ी..., नीलू जौहरी ने गीत यो डाना का पार लागूं छ न्यार न्यारा... का गायन कर मेलार्थियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का संचालन जयंत भाकुनी ने किया। नगर पालिकाध्यक्ष गीता रावल, पूर्व अध्यक्ष हेम चंद्र जोशी, भगत रावल, रघुवीर दफौटी, विधायक प्रतिनिधि जगदीश जोशी, उमेश टाकुली, नागेश्वरी जोशी, भुवन कांडपाल, नवीन साह, उमेश साह, हेम चंद्र जोशी आदि थे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें