बिचला दानपुर के शामा में आयोजित उत्तरायणी मेले का रंगारंग समापन हो गया है। मेले में पहुंचे लोक कलाकार आंनद कोरंगा ने गीत लाग चौमासा डान हॉल रे... गाकर मेलार्थियों का दिल जीत लिया। मेले का शुभारंभ वयोवृद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पदम सिंह कोरंगा ने किया।
रामलीला मैदान शामा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोरंगा ने कहा कि इस तरह के आयोजन से आपसी प्रेमभाव बढ़ता है। भावी कार्य योजना तैयार करने में सहायता मिलती है। विधायक ललित फर्स्वाण ने कहा कि सरकार ने मेलों और संस्कृति के संरक्षण के लिए कई कदम उठाए हैं।
लोक संस्कृति से क्षेत्र की पुरानी जानकारियां मिलती हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने इस तरह के आयोजनों से भावी पीढ़ी को पुरानी गाथाओं और परंपराओं का बोध होता है। पूर्व मंत्री बलवंत भौर्याल ने कहा कि आपसी सद्भाव बढ़ाने में मेलों का खास योगदान है।
इन्हें संरक्षित करने के लिए ईमानदारी से काम करने की जरूरत है। लोक कलाकार आनंद कोरंगा ने घुंघराली दातुलि छुंड़काली..., कुंदन कोरंगा ने गैल भनार..., दीपा नगरकोटी ने मोहना मोहना..., संगीता ढौंडियाल ने भगवती तू दैणि है जई.., गजेंद्र राणा ने बबली तेरो मोबाइल..., सुरेश सिंह सुरीला ने बैठ सरिता वड्डा गाड़ी में... आदि मनमोहक गीतों का गायन किया।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राम सिंह कोरंगा ने सभी का स्वागत किया। संचालन महेंद्र सिंह कोरंगा ने किया। वहां ब्लॉक प्रमुख मनोहर राम, ज्येष्ठ ब्लॉक उप प्रमुख हरीश शाही, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम शाही, पीजी कॉलेज बागेश्वर छात्रसंघ अध्यक्ष हरीश मेहरा, भगवती प्रसाद पाठक, कुंदन कोरंगा, गोविंद कोरंगा, राजेंद्र कोरंगा, नरेंद्र कोरंगा, बलवंत कोरंगा आदि थे।