डीएम मंगेश घिल्डियाल ने उत्तरायणी मेला क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का स्थलीय जायजा लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि मेले की परंपरा को बनाए रखते हुए ही मेला क्षेत्र में अस्थाई निर्माण कार्य कराए जाएंगे। गोमती नदी बगड़ का निरीक्षण करते हुए बाहर से आने वाले व्यापारियों के लिए बगड़ को समतल करने के साथ ही मेले के दौरान यहां लगने वाली दुकानों के लिए सुरक्षा के इंतजाम करने को कहा।
डीएम ने सिंचाई विभाग से बगड़ के किनारे की झाड़ियां का कटान करने और मेला क्षेत्र के घाटों के दोनों ओर रंग रोगन का कार्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान शवदाह स्थान और मंदिर की सीमा से दो फिट की दूरी छोड़कर नदी के किनारे अस्थाई दुकानें लगाए जाने का सुझाव दिया गया। नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि मकर संक्रांति में गंगा स्नान का महत्व होता है, इसलिए दोनों तरफ के घाटों में पानी की पर्याप्त मात्रा होनी जरूरी है। डीएम ने लोक निर्माण विभाग से मेला क्षेत्र के सभी मोटर मार्गों को गड्डा मुक्त करने के निर्देश दिए। घाट के निरीक्षण के बाद डीएम दुग बाजार होते हुए भोटिया पड़ाव पहुंचे।
डीएम ने सरयू नदी पर बने नए पुल तक एक ओर दुकानें आवंटित करने को कहा। मेले के दौरान शौचालय की व्यवस्था के लिए उन्होंने नगर पालिका को बायोडायजेस्टर शौचालय की व्यवस्था करने को कहा। जिलाधिकारी ने नुमाइशखेत के मुख्य मेला क्षेत्र में लगने वाली दुकानों तथा स्टॉलों की जानकारी भी ली। उन्होंने कुछ विभागों द्वारा निशुल्क स्टॉलों की मांग करने की शिकायत पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हर विभाग से स्टॉलों का किराया लिया जाएगा। भ्रमण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष गीता रावल, सामाजिक कार्यकर्ता भुवन कांडपाल, संजय साह जगाती, भगत रावल, उपजिलाधिकारी एसएस राणा सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।