बैजनाथ क्षेत्र के पचना गांव में मंगलवार दोपहर एक मकान में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि घर का सामान जलकर खाक हो गया। आग में चार साल का मासूम फंस गया। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव के चंदन और गीता अपनी जान की परवाह छोड़कर आग की लपटों के बीच घर में घुस गए। उन्होंने मासूम को सकुशल बाहर निकाल लिया। आग से मासूम के दोनों पैर झुलस गए।
गांव के महेश राम मजदूरी करते हैं। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। मंगलवार को महेश मजदूरी करने दूसरे गांव में गए थे। पत्नी आरती जंगल में लकड़ी लेने गई थी। बड़ा बेटा आंगनबाड़ी में पढ़ने गया था। चार साल के बेटे युवराज को चारपाई के खूंटे से बांधकर घर में अकेला छोड़ा गया था। दोपहर अचानक महेश के मकान से धुंआ उठने लगा। गांव के चंदन प्रसाद और गीता देवी वहां पहुंची तो अंदर से बच्चे के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। इस बीच आग की लपटें निकलने लगीं।
चंदन और गीता साहस का परिचय देते हुए धधक रही आग के बीच मकान के अंदर घुस गए। वहां बच्चे का पैर रस्सी से बंधा देखा तो उनके होश उड़ गए। आनन-फानन रस्सी काटकर बच्चे को बाहर निकाला गया लेकिन सामान को नहीं बचाया जा सका। मासूम का एक निजी क्लीनिक में प्राथमिक उपचार कराया गया।
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मकान में रखी गई थी अंगीठी
बताया जा रहा है कि मकान में अंगीठी रखी गई थी, उसी से आग भड़की होगी। पटवारी सुरेश सिंह राठौर ने आशंका जताई कि अंगीठी में शायद कोई कपड़ा गिरा होगा। कपड़े में लगी आग फैल गई होगी।
ग्रामीणों ने बुझाई आग
ग्राम प्रधान प्रकाश कोहली, फायर यूनिट, बैजनाथ थानाध्यक्ष प्रताप सिंह नगरकोटी मौके पर पहुंचे। तब तक ग्रामीणों ने आग बुझा दी थी। प्रभावित परिवार को राजस्व पुलिस ने खाद्य सामग्री की किट प्रदान की। पटवारी सुरेश सिंह राठौर ने कहा कि आग से घर में रखी सामग्री जल गई है। आग से प्रभावित परिवार को लगभग तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है।