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Bageshwar News: अपभ्रंश अध्ययन के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार करेगा यूओयू

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कौसानी में सात दिवसीय अपभ्रंश साहित्य कार्यशाला संपन्न, देशभर के 40 शोधार्थियों ने लिया भाग
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संवाद न्यूज एजेंसी


गरुड़/कौसानी (बागेश्वर)। रजा न्यास, विश्वनाथ मिश्र स्मृति न्यास और अनासक्ति आश्रम की ओर से आयोजित सात दिवसीय ग्रीष्मकालीन अपभ्रंश साहित्य अध्ययन कार्यशाला का सफल समापन हो गया है। इस मौके पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि यूओयू जल्द अपभ्रंश अध्ययन के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार करेगा।
शुक्रवार को समापन सत्र के मुख्य अतिथि यूओयू के कुलपति प्रो. लोहनी ने गांधी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अपभ्रंश भाषा और साहित्य को बढ़ावा देने के लिए यह कार्यशाला एक बेहतरीन पहल है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. अवधेश प्रधान ने कहा कि अपभ्रंश लोकजीवन से जुड़ा साहित्य है जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज की जरूरत है। कार्यशाला में बीएचयू, जेएनयू, डीयू और विश्वभारती सहित देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के 40 से अधिक शोधार्थियों ने प्रतिभाग किया।
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इस मौके पर कार्यशाला संयोजक डॉ. कुमार मंगलम की ओर से संपादित पुस्तक प्रसंग अपभ्रंश का लोकार्पण भी किया गया। सात दिनों तक चले विभिन्न सत्रों में बौद्ध सिद्धों की बानियां, जैन काव्य, हेमचंद्र और विद्यापति की कीर्तिलता जैसे विषयों पर प्रो. बलराम शुक्ल और प्रो. अवधेश मिश्र सहित कई विद्वानों ने व्याख्यान दिए।
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कौसानी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र मेहरा ने कौसानी को साहित्य और संस्कृति की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान प्रतिभागियों ने कौसानी के चाय बागानों का भ्रमण किया और सुमित्रानंदन पंत के आवास पर कविता पाठ भी किया।


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