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मछली मारने के लिए फैलाए करंट की चपेट में आकर दो युवकों की मौत

Sat, 27 Apr 2019 11:17 PM IST
दीपक नेगी ब्यूरो/अमर उजाला/ब्यूरो
सलिंग में नदी में पड़े दोनों युवकों के शव। - फोटो : अमर उजाला

कपकोट के सलिंग गांव के समीप नदी में अवैध रूप से बिजली के तार से कटिया डाल करंट फैलाकर मछली मार रहे दो युवक खुद ही करंट की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों युवक नशे में थे।



सुमगढ़ निवासी संतोष कुमार (28) पुत्र शंकर लाल और सलिंग निवासी मोहन सिंह (30) पुत्र चंचल सिंह दोनों दोस्त थे। शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे दोनों ने मछलियां मारने के लिए गांव के पास कटिया डालकर केबिल के जरिये नदी में करंट फैला दिया। मछलियों के मरने के बाद वे नदी में मछलियां निकालने के लिए उतरे तो करंट की चपेट में आ गए। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

 नदी के पत्थर पर दोनों के शव देखकर ग्रामीणों में खलबली मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने कटिया का तार हटाकर घटना का जायजा लिया। आशंका जताई जा रही है कि दोनों नशे की हालत में थे, इसलिए नदी में कूदने से पहले करंट का तार निकालना भूल गए। पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की सही वजह का पता चल सकेगा। वहीं दोनों की मौत की खबर लगते ही गांव, क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

 
तो क्या वहां तीन लोग थे ?
दो युवाओं की मौत से जहां पूरा गांव शोक में डूबा है वहीं ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के दौरान घटना स्थल पर तीन लोग हो सकते हैं। उनका अंदेशा है कि संतोष और मोहन में से कोई एक नदी के पास  पत्थर पर लेटा होगा जबकि दूसरा नदी के किनारे होगा। वहीं तीसरा शख्स बिजली की लाइन पर कटिया डालने गया होगा। कटिया डलते के बाद जब करंट फैला तो पत्थर पर लेटे शख्स को संभलने का मौका नहीं मिला और वह करंट की चपेट में आ गया। इस पर नदी किनारे खड़ा शख्स उसे बचाने आया होगा और करंट की चपेट में आकर उसकी भी मौत हो गई होगी। ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की तह तक जाकर उस तीसरे व्यक्ति का पता लगाने की मांग की है। वहीं लोगों का कहना है कि  संतोष और मोहन जिगरी दोस्त थे। दोनों साथ-साथ ही रहते थे और साथ ही दुनिया को छोड़ कर चले गए।

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