सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते बड़ेत नहर दो साल से ठप है। नहर से पानी की सप्लाई नहीं होने से नौघर और बिमोला गांव की बीस हेक्टेयर जमीन असिंचित हो गई है। पानी की सप्लाई नहीं होने से एक माह पूर्व बोये गए गेहूं के बीज में आज तक अंकुर नहीं आया है।
नौघर के प्रधान शंकर सिंह नेगी ने जिलाधिकारी और सिंचाई विभाग के मुख्य अभिंयता को भेजे गए ज्ञापन में कहा है कि बड़ेत नहर दो साल पूर्व आपदा से जगह-जगह पर ध्वस्त हो गई थी। विभाग ने नहर के मरम्मत में लाखों रुपये खर्च कर दिए हैं पर नहर से नौघर और बिमोला गांव तक पानी की सप्लाई नहीं हुई है। नहर से पानी की सप्लाई नहीं होने से बिमोला और नौघर गांव के कृषकों की बीस हेक्टेयर जमीन असिंचित हो गई है। ग्राम प्रधान ने बताया कि नहर ठप होने के संबंध में विभाग के अवर अभियंता,सिचाई अमीन और जिलेदार को भी कई बार अवगत करा दिया गया है, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने आज तक गांव का निरीक्षण नहीं किया है। नौघर के काश्तकार शंकर सिंह नेगी, पूरन सिंह अल्मिया, कुंदन सिंह अल्मिया, नर सिंह अल्मिया, तारा मेहरा, कैलाश अल्मिया, सुंदर खाती, कुंदन राम, बसंती देवी नंदन सिंह रावत, गिरीश कुमार आदि ने कहा है कि नहर को शीघ्र दुरुस्त नहीं किया गया तो वह विभाग को सिंचाई कर नहीं देंगे।