कुमाऊं मंडल विकास निगम ने पांच साल पहले नगर पंचायत के पालीडुंगरा में पर्यटक आवास गृह के निर्माण के लिए तीन लाख रुपये खर्च कर पहाड़ी का कटान कर उसे लावारिस हालत में छोड़ दिया है। निगम प्रशासन ने तत्कालीन जनप्रतिधियों के दबाव भूमि की ठीक से जांच पड़ताल नहीं की।
बाद में विभाग के उच्चाधिकारियों ने मौका मुआयना करके जगह को असुरक्षित बताया। लोगों का कहना है कि यदि विभागीय अधिकारियों ने तब सूझबूझ से काम लिया होता तो सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं होता।
समय से दूसरी जगह टीआरसी बनता तो पर्यटकों की आमद बढ़ती क्षेत्र के विकास और रोजगार को नए आयाम मिलते। लोगों ने शासन और प्रशासन से टीआरसी का निर्माण शीघ्र कराने की मांग की है।