बागेश्वर में प्रशिक्षण लेते परीक्षक।
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बागेश्वर। परिषदीय परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से पूर्व उप प्रधान परीक्षक, परीक्षक, परीक्षक, अंकेक्षकों को त्रुटिरहित मूल्यांकन के लिए प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद सोमवार से ही उत्तर पुस्तिकाओं का औपचारिक रूप मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया।
विक्टर मोहन जोशी स्मारक जीआईसी के सभागार में मूल्यांकन केंद्र के उप नियंत्रक प्रमोद कुमार तेवाड़ी ने परीक्षकों से कहा कि मूल्यांकन के काम को बहुत ही सावधानी, सजगता, गोपनीयता के साथ करें। प्रशिक्षण में परीक्षक, उप प्रधान परीक्षकों के दायित्व और बरती जाने वाली सावधानी, मूल्यांकन में होने वाली त्रुटि, अशुद्ध् मूल्यांकन आदि की जानकारी दी।
मूल्यांकन के सह नियंत्रक बीएस कोरंगा, पर्यवेक्षक गणेश चंद्र आर्य, मास्टर ट्रेनर राजीव निगम, मदन मोहन पांडे ने चरणबद्ध मूल्यांकन त्रुटिहीन, गुणात्मक मूल्यांकन की जानकारी दी। उपप्रधान परीक्षक इंटर, हाइस्कूल क्रमश: पांच, दस आदर्श उत्तर पुस्तिकाओं का प्रतिदिन मूल्यांकन करेंगे।
परीक्षकों को मूल्यांकन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण सत्र का संचालन प्रवक्ता दीप चंद्र जोशी ने किया। बताया कि मूल्यांकन कार्य सोमवार से दो मई तक सुबह 10 बजे से पांच बजे तक चलेगा। इस दौरान हाइस्कूल, इंटर की 30-30 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होगा। कोई भी परीक्षक मूल्यांकन के दौरान मोबाइल फोन अपने पास नहीं रखेंगे।