स्थानीय डाकघर में लंबे से कामकाज बुरी तरह से चरमराया हुआ है। सोमवार को व्यापारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। गुस्साएं व्यापारियों ने जोरदार नारेबाजी के साथ डाकघर में जमा होकर विरोध में जमकर नारेबाजी की। सभा में व्यापारियों ने डाकघर में कामकाज शीघ्र सुचारु नहीं होने और पोस्टमास्टर का शीघ्र तबादला नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेेतावनी दी।
सोमवार सुबह व्यापार मंडल के अध्यक्ष तारा सिंह कपकोटी के नेतृत्व में व्यापारी डाकघर प्रांगण में जमा हुुए। यहां डाकघर खुला था लेकिन सीट पर पोस्ट मास्टर नहीं बैठे थे। इससे व्यापारियों का गुस्सा और भी बढ़ गया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि जब से डाकघर का कंप्यूटरीकरण हुआ तब से डाकघर का कामकाज बुरी तरह चरमराया हुआ है।
सरकार ने डाकघर का कंप्यूटरीकरण तो कर दिया, लेकिन प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती नहीं की। डाकघर में दूर दूूर खाताधारक अपने खातों में पैंसा जमा करने, निकालने, मनरेेगा का भुगतान निकालने और पारिवारिक पेंशन लेने आ रहे हैं। लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा है। व्यापारियों ने पोस्टमास्टर के अधिकतर नशे की हालत में रहने का आरोप मढ़ा।
उन्होंने डाक विभाग के उच्चाधिकारियों से डाकघर का कामकाज शीघ्र सुचारु करने के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की शीघ्र तैनाती और पोस्टमास्टर का यहां से शीघ्र तबादला करने की मांग की। उन्होंने समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन करने वालों में नवीन उपाध्याय, प्रकाश कांडपाल, तनुज तिरूवा, राजेंद्र कपकोटी, देवेंद्र दानू, मदन मोहन, दीपक गढ़िया, योगेश बिष्ट, रघुवीर बिष्ट, कुंदन लाल, अवधेश वर्मा, प्रदीप देवली, शंकर जोशी और चंद्रशेखर जोशी आदि शामिल थे।