शनिवार की रात हुई मूसलाधार बारिश से गोमती, सरयू नदियां उफान पर आ गईं। गोमती का जलस्तर बढ़ने से तटबंध निर्माण के लिए नदी किनारे खड़ी की गई एक जेसीबी मशीन डूब गई। सरयू नदी में घाट निर्माण के लिए रखा सामान बह गया। उफान को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट कर दिया गया। एहतियात के तौर पर गोमती पुल में पुलिस, फायर ब्रिगेड तैनात कर दी गई।
शनिवार की रात बागेश्वर, गरुड़ में मूसलाधार वर्षा हुई। इससे सुबह के समय नदियां उफान पर आ गई। गोमती का जल स्तर 864 मीटर तो सरयू नदी का जलस्तर 863.50 मीटर पर पहुंच गया। नदियों में सुबह के समय गोमती का जलस्तर बढ़ता देख प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। जिला प्रशासन के निर्देश पर तत्काल फायर ब्रिगेड को गोमती पुल पर तैनात कर दिया गया। साथ ही लोगों को नदियों के किनारे न जाने की सलाह दी गई।
इस दौरान जलस्तर बढ़ने से गोमती पुल के नीचे निर्माण कार्य के लिए रखी गई एक जेसीबी भी डूब गई। कपकोट में कम बारिश होने के बावजूद सरयू का जल स्तर भी काफी ऊपर तक पहुंच गया। इससे नगरपालिका द्वारा घाट निर्माण के लिए किए गए नदी के डायवर्जन वाले क्षेत्र में भी मलबा भर गया और निर्माण सामग्री बह गई। सरयू में मलबा भरने से एक और जेसीबी फंस गई। बारिश रुकने के बाद दोनों नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे घटा। इसके बाद ही प्रशासन ने राहत की सांस ली।
जलस्तर घटने बाद नजर आई गंदगी
बागेश्वर। महीनों बाद उफान पर आई नदियों में इतनी गंदगी थी कि दोनों नदियों का पानी काला नजर आ रहा था। गोमती में कूड़ा, कचरा, प्लास्टिक की पन्नियां ही नजर आ रहे थे। गंदगी के कारण गोमती नदी में पुल के नीचे गाद भर गया। यही हाल सरयू का भी था। पानी का स्तर कम होने पर नदियों के किनारों में कचरा फैल गया।