बागेश्वर। 27 फरवरी से खड़ी होली का आगाज हो जाएगा। पांच दिन तक घर-घर होली गायन होगा। चार मार्च को रंगोत्सव या छलड़ी का पर्व मनाया जाएगा। पांच मार्च को टीका के साथ इस साल की होली संपन्न होगी।
आचार्य डॉ. रमेश चंद्र कांडपाल ने बताया कि शुक्रवार को सुबह 11:32 बजे तक ही चीर बंधन और रंग भरने का शुभ मुहूर्त है। इसके बाद भद्रा है। होलिका दहन दो मार्च को प्रदोष काल में किया जाएगा। शाम 6:10 से 8:41 के बीच का समय होलिका दहन के लिए शुभ है। तीन मार्च को चंद्रग्रहण का सूतक पूरे दिन रहेगा। ऐसे में मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। चार मार्च को रंगभरी होली मनाई जाएगी। पांच मार्च के दिन दंपती टीका होगा। उन्होंने लोगों से नशामुक्त होली मनाने की अपील की है। संवाद